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विपक्षी गठबंधन में दरार पैदा करने की कोशिशें तेज, पीएमएल-एन नेता ने दिया जरदारी के खिलाफ बयान

Mon, 05 Oct 2020 05:14 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

  • ख्वाजा आसिफ ने कहा पीपीपी नेता जरदारी पर भरोसा करना मुश्किल, नवाज ने किया बचाव
  • 11 पार्टियों के गठबंधन का मुखिया मौलाना फजलुर्रहमान को बनाए जाने पर भी असंतोष
  • सत्ताधारी पार्टी ने विपक्षी गठबंधन के नेता को चरमपंथी बताते हुए मुल्क का दुर्भाग्य बताया
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asif ali jardari - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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पाकिस्तान में विपक्षी गठबंधन को कमजोर करने और इसमें शामिल पार्टियों में दरार पैदा करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस समय सत्ताधारी तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की नजर खास तौर से नवाज शरीफ की पार्टी के भीतर के असंतोष को उभारने और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के साथ उसके मतभेदों को सामने लाने की नजर आ रही है। इसी कड़ी में अब नवाज की पार्टी पीएमएल-एन के नेता ख्वाजा आसिफ के उस बयान को खासी हवा दी जा रही है जिसमें उन्होंने पीपीपी के प्रमुख नेता और पूर्व प्रधानमंत्री आसिफ अली जरदारी की विश्वसनीयता पर संदेह जताया है।

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दूसरी तरफ सत्ताधारी तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने गठबंधन का नेतृत्व करने का जिम्मा मौलाना फजलुर्रहमान को सौंपे जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और चरमपंथियों को राजनीति की मुख्य धारा में लाने की इस कोशिश को देश के लिए खतरनाक बताया है। जाहिर है कि सत्ताधारी पार्टी फजलुर्रहमान का विपक्षी गठबंधन का अध्यक्ष बनाया जाना कई मायनों में अपने फायदे में भी देख रही है क्योंकि उसे उम्मीद है कि गठबंधन की 11 पार्टियां भीतर ही भीतर पीएमएल-एन और पीपीपी की ओर से थोपे गए इस नाम को खास पसंद नहीं करेंगी और आने वाले वक्त में गठबंधन खुद ब खुद बिखरने लगेगा।

पीएमएल-एन के नेता ख्वाजा आसिफ ने रविवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी पर भरोसा नहीं है। जरदारी के लिए उन्हें ये कहने में जरा भी संकोच नहीं है कि जरदारी पर भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन ख्वाजा ने ये भी साफ कहा कि पीपीपी के युवा अध्यक्ष बिलावल भुट्टो की प्रतिभा और समझदारी पर उन्हें जरा भी संदेह नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है और कई बार स्थितियों की मांग की वजह से हमें एक मंच पर आना पड़ता है लेकिन विचारधाराएं और नजरिया तो अपना अपना होता ही है।
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उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए आसिफ अली जरदारी ने कहा कि ख्वाजा जरदारी का बयान किसी के इशारे पर दिलवाया गया बयान है ताकि विपक्षी गठबंधन में दरार पड़ सके। उधर पीएमएल-एन अध्यक्ष नवाज शरीफ ने भी कहा है कि वो जरदारी का दिल से पूरा सम्मान करते हैं और उन्हें नहीं पता कि ख्वाजा आसिफ ने ऐसा कोई बयान दिया है। नवाज ने कहा कि जरदारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के एक अहम नेता हैं और आने वाले दिनों में पीडीएम मौजूदा सरकार को गिराने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है।
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