पाकिस्तानी हुकूमत ने आखिरकार अपने सबसे मुखर विरोधी और लंदन में बैठकर लगातार पाकिस्तानी सेना और तमाम संस्थाओं के खिलाफ बोलने वाले पीएमएल-एन के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर देशद्रोह का मुकदमा कर दिया है। लाहौर के शाहदरा पुलिस स्टेशन में नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम और पार्टी के तमाम नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया है और इन्हें देशद्रोही करार देते हुए देश के खिलाफ साजिश करने और संवैधानिक संस्थाओं को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। नवाज शरीफ और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ अपराध और देशद्रोह की कई धाराएं लगाई गई हैं।
इन नेताओं के खिलाफ ये मुकदमा एक स्थानीय नागरिक बदर रशीद के जरिये दर्ज करवाया गया है। उन पर पाकिस्तान इलेक्ट्रानिक क्राइम एक्ट की धारा-10 के तहत साइबर आतंकवाद फैलाने, धारा 120 ए और बी के तहत आपराधिक साजिश रचने धारा 121 ए के तहत पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध का माहौल बनाने के अलावा 124-ए और 153 ए जैसी कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। नवाज शरीफ के अलावा जिन नेताओं के नाम एफआईआर में हैं उनमें मरियम नवाज, राना सनाउल्लाह, एहसान इकबाल, शाहिद खाकन अब्बासी, परवेज राशिद, मरियम औरंगजेब , अताउल्ला तरार समेत वे तमाम नेता शामिल हैं जिन्होंने पार्टी की केन्द्रीय समिति और वर्किंग कमेटी की बैठकों में हिस्सा लिया था।
थाने में दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि नवाज शरीफ पर पहले से मनी लांड्रिंग और भ्रष्टाचार के कई मामले चल रहे हैं और वह इलाज के बहाने लंदन जाकर वहां से देशविरोधी तकरीरें दे रहे हैं और देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि अपने 20 सितंबर और 1 अक्तूबर के बयानों में नवाज ने भारत की पाकिस्तान विरोधी नीतियों का समर्थन किया है ताकि पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में बना रहे। नवाज का मुख्य मकसद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान को अलग थलग करना है, साथ ही नवाज की कोशिश लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई पाकिस्तान सरकार को गिराने की साजिश करना है।
शिकायतकर्ता ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का भी जिक्र किया है और नवाज शरीफ को उनका दोस्त बताते हुए कहा है कि कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन जैसे मुद्दे से ध्यान हटाकर नवाज मोदी की मदद कर रहे हैं। दूसरी तरफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने नवाज शरीफ के भाषणों पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सोमवार को अपना फैसला टाल दिया है।
उधर पीएमएल-एन के नेता जफर इकबाल ने बयान जारी कर नवाज शरीफ और अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और कहा है कि सरकार इन कदमों के जरिये तमाम अहम मसलों और जनता के जरूरी सवालों से ध्यान हटाना चाहती है। ट्विटर पर जारी अपने बयान में मरियम औरंगजेब ने कहा है कि पार्टी नेताओं पर केस दर्ज करके सरकार ने साबित कर दिया है कि वह विपक्षी एकता से किस कदर डरी हुई है। ऐसे झूठे आरोप लगाकर आप सच को दबा नहीं सकते।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही नवाज शरीफ के दामाद रिटायर्ड कैप्टन मोहम्मद सफदर के खिलाफ भी देशद्रोह का मामला दर्ज कराया गया था। उनपर भी देश, सेना और सरकार की तमाम संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लोगों को भड़काने का आरोप लगाया गया है।