पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। इसी क्रम में यहा की एक कोर्ट ने बुधवार को तोशाखाना मामले की सुनवाई गुरुवार को तय कर दी। कोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हमायूं दिलावर गुरुवार को मामले की सुनवाई करेंगे।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने दी थी राहत
इससे पहले इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने निचली अदालत को इमरान खान की दलील सुनने के बाद सात दिनों के भीतर तोशाखाना मामले के आधार और स्वीकार्यता पर फिर से फैसला करने का निर्देश दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दिलावर ने 10 मई को तोशाखाना मामले में 70 वर्षीय इमरान खान को दोषी ठहराया था।
इमरान खान ने फैसले को चुनौती दी थी
इमरान खान ने आईएचसी के समक्ष मामले की स्वीकार्यता को चुनौती दी थी, जिसने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया था। आईएचसी पीठ ने कहा था कि निचली अदालत ने कमजोर आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री की याचिका खारिज कर दी। पीठ ने निचली अदालत से खान की याचिका को लंबित मानने को कहा। बता दें कि इमरान खान पर देशभर में 140 से अधिक मामले चल रहे हैं। उन पर आतंकवाद, हिंसा, ईशनिंदा, भ्रष्टाचार और हत्या जैसे आरोप भी लगे हैं।
क्या है तोशाखाना मामला?
- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान पर प्रधानमंत्री रहते हुए स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना से रियायती मूल्य पर प्राप्त एक महंगी ग्राफ कलाई घड़ी सहित अन्य उपहार खरीदने और लाभ के लिए उन्हें बेचने का आरोप है। इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशाखाना से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए।
- मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन उपहारों को तोशाखाना से खरीदा और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इन उपहारों में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थे। बिक्री का विवरण साझा न करने के कारण उन्हें पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था।