इस्लाम से जुड़ी एक धार्मिक पुस्तक को जलाने के मामले में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की एक अदालत ने 40 वर्षीय महिला को दोषी करार दिया है। अदालत ने महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत से जुड़े एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
ईशनिंदा मामले में आसिया बीबी दोषी करार
लाहौर के घनी आबादी वाले बेदियान रोड इलाके की आसिया बीबी को पुलिस ने 2021 में उनके इलाके के एक व्यक्ति की शिकायत पर गिरफ्तार किया था, जिसने महिला पर घर के बाहर धार्मिक पुस्तिक की एक प्रति जलाने का आरोप लगाया था। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि लाहौर सत्र अदालत ने गुरुवार को पवित्र कुरान के अपमान के आरोप में आसिया बीबी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
ईशनिंदा कानून के तहत किया गया था मामला दर्ज
जिसके बाद महिला पर ईशनिंदा कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि सुनवाई के दौरान महिला के वकील सरमद अली ने दलील दी थी कि यह ईशनिंदा का मामला नहीं है। पड़ोसी ने निजी हिसाब बराबर करने के लिए उसे गलत तरीके से फंसाया है। इसके अलावा, अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास हैं, उन्होंने कहा और सवाल किया कि मुख्य शिकायतकर्ता की जगह एक पुलिस अधिकारी को क्यों लिया गया जो घटना का गवाह नहीं था।
फैसले को देंगे लाहौर हाईकोर्ट में चुनौती- वकील
सत्र अदालत के न्यायाधीश इमरान शेख ने फैसले सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने किसी भी संदेह से परे अपना मामला स्थापित किया है। सरमद अली ने कहा कि आसिया बीबी फैसले को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती देंगी और उच्च न्यायपालिका से राहत मिलने की उम्मीद जताई।