पाकिस्तान पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने पार्टी के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के एक साल पूरे होने पर अगले महीने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। पीटीआई ने पाकिस्तान सरकार को विरोध प्रदर्शन की चेतावनी देते हुए इमरान खान की तत्काल रिहाई की मांग की है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जो कि पिछले साल 5 अगस्त को लाहौर में उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ सरकारी खजाने से मिले उपहारों की बिक्री छिपाने के आरोप में दर्ज किया था। उन्हें तोशाखाना मामले में दोषी ठहराया गया था। वो पिछले एक साल में जेल में बंद हैं, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ कर रही है। पार्टी ने रविवार को घोषणा की है कि अलगे महीने उनको गिरफ्तार हुए एक साल हो जाएगा, वे उनकी रिहाई के लिए अगले महीने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।
नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बारे में अंतिम फैसला पार्टी की बैठक में किया जाएगा। हालांकि वे 5 अगस्त को पूरे देश में बड़े प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को हम दो मुद्दों पर पूरे पाकिस्तान में रैलियां और बड़े प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त इमरान खान की गिरफ्तारी का दिन है, उन्हें एक मनगढ़ंत मामले में अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि महंगाई और पीटीआई के अन्य सदस्यों की कैद के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने जनता से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया।
दरअसल 5 अगस्त को तोशाखाना मामले में इमरान खान की गिरफ्तारी को बाद में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दिया था। बावजूद उन्हें रिहाई नहीं मिली बल्कि उन्हें अन्य मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया। वह अभी भी रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। वहीं कैसर ने पीटीआई सांसदों और समर्थकों पर कथित आधिकारिक कार्रवाई की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर सांसदों को अपमानित किया जा रहा है तो संसद की गरिमा पर सवाल उठा रहा है। कैसर ने आरोप लगाया कि पीटीआई के समर्थन से जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों पर वफादारी बदलने और पक्ष बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया।
वहीं पीटीआई के महासचिव उमर अयूब खान ने भी कहा कि पार्टी समर्थित सांसदों को एजेंसियों द्वारा चिन्हित कर कथित भ्रष्टाचार मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पर संघर्ष पैदा करने के लिए पीटीआई और सेना के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सुझाव दिया कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं , यही इस राजनीतिक उथल-पुथल को सही कर सकता है।