पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 27 फरवीर को एफ-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया था। इससे वाशिंगटन पर भी सवाल खड़े होने लगे। 2008 में अमेरिका ने ही पाकिस्तान को एफ 16 विमान दिए थे। ऐसा भारत के साथ शक्ति संतुलन साधने के लिए किया गया था। आज हालात ऐसे हैं कि अमेरिका ही पाकिस्तान का विरोधी हो गया है और काफी हद तक भारत के पक्ष में दिख रहा है। पाकिस्तान के बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के आतंकी शिविर पर सेना के एयर स्ट्राइक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप ने इशारों में ही कह दिया था कि भारत की तरफ से कुछ बड़ा होने वाला है।
हालांकि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ किए एफ-16 सौदे को न्यायसंगत ठहराते हुए इसके साथ दो शर्तें जोड़ दी थीं। पहली शर्त थी कि वह इस लड़ाकू विमान का इस्तेमाल आत्मरक्षा के लिए करेगा। और दूसरी शर्त थी कि वह इसका इस्तेमाल आतंक के खिलाफ करेगा। इसमें आत्मरक्षा से मतलब है कि अगर कभी भारत के साथ पाकिस्तान का कोई टकराव होता है तो वो आत्मरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल कर सकता है।