पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने चेतावनी दी है कि इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने अगर बीते साल 9 मई को हुए दंगे के मामले में माफी नहीं मांगी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि पीटीआई गंभीर राजनीतिक पार्टी नहीं है।
बिलावल का आरोप- हिंसा में शहीदों के स्मारकों को पहुंचाया गया नुकसान
बुधवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बोलते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा कि 'किसी को भी आतंकी घटनाएं अंजाम देने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। विपक्षी नेताओं ने बीते साल 9 मई को उन शहीदों के स्मारकों का अपमान किया, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी।' गौरतलब है कि बीते साल 9 मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में पाकिस्तान में हिंसा हुई थी। इस हिंसा के दौरान पीटीआई समर्थकों ने सेना के कई शीर्ष अधिकारियों के घरों के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया था। हालांकि इमरान खान और उनकी पार्टी ने हिंसा के आरोपों को नकार दिया है।
पीटीआई का लोकतंत्र, संविधान में कोई विश्वास नहीं
बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि पीटीआई गंभीर पार्टी नहीं है और उनमें देश की राजनीति करने की कोई इच्छा नहीं है, उनके नेता जेल में रो रहे हैं। पीपीपी नेता ने कहा 'वे (पीटीआई) अपने निजी हित साधना चाहते हैं। मैं उनके गैर-गंभीर रवैये की आलोचना करता हूं। एक तरफ वे दावा करते हैं कि वह पाकिस्तान के संविधान की सर्वोच्चता की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे सिर्फ सैन्य प्रतिष्ठान से बातचीत करने की बात कर रहे हैं।' पीपीपी नेता ने कहा पीटीआई और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल के नेताओं का लोकतंत्र, संविधान, कानून में कोई विश्वास नहीं है। बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तानी नेताओं से पाकिस्तान के आगामी बजट को लेकर सुझाव देने की भी अपील की। उन्होंने अपील की कि सरकार देश के आयात विवाद को सुलझाने के लिए भी कड़े कदम उठाए और इस मामले में दोषी लोगों की जवाबदेही तय की जाए।