पाकिस्तान की सरकार बलोच कार्यकर्ता महरंग बलोच से डर गई है और यही वजह है कि उसने महरंग बलोच की हिरासत अवधि 15 दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। बलूचिस्तान सरकार ने हिरासत अवधि बढ़ाने की वजह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना बताया है। हालांकि बलोच यकजेती कमेटी (बीवाईसी) ने महरंग बलोच की हिरासत अवधि बढ़ाने का विरोध किया और इसे अवैध बताया।
22 मार्च को किया गया था बलोच नेताओं को गिरफ्तार
बलोच कार्यकर्ता महरंग बलोच, बीबो बलोच, उनके पिता गफ्फार बलोच, सबघातउल्ला शाह जी, बेबारग बलोच को बीती 22 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन्हें क्वेटा जिला जेल में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने वाले आदेश के तहत रखा गया था। गौरतलब है कि बलोच यकजेती कमेटी के नेताओं की हिरासत को चौथी बार बढ़ाया गया है। बलोच कार्यकर्ताओं को हिरासत में तीन महीने का समय बीत चुका है। अब एक बार फिर हिरासत अवधि को 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। जिसके चलते महरंग बलोच समेत अन्य बलोच कार्यकर्ताओं को 15 दिन और जेल में ही रहना पड़ेगा।
बीवाईसी ने आदेश को बताया अवैध
बीवाईसी के प्रवक्ता ने बलोच कार्यकर्ताओं की हिरासत फिर बढ़ाए जाने पर नाराजगी जाहिर की और इसे अवैध बताया। संगठन ने बलोच कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की। बीवाईसी की नेता साबिया बलोच का आरोप है कि सरकार नए-नए हथकंडे अपनाकर बलोच कार्यकर्ताओं की हिरासत अवधि को बढ़ा रही है।
ये भी पढ़ें-
Bangladesh: मंदिर पर बुलडोजर एक्शन को लेकर भारत की आपत्ति के बाद बैकफुट पर बांग्लादेश, यूनुस सरकार ने दी सफाई
दरअसल जाफर एक्सप्रेस को अगवा करने के मामले में पाकिस्तानी सेना ने कथित उग्रवादियों को एनकाउंटर में ढेर किया था, लेकिन उग्रवादियों के शव नहीं सौंपे। शवों की मांग को लेकर महरंग बलोच और 150 अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बलूचिस्तान यूनिवर्सिटी के नजदीक मार्च में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। 22 मार्च को महरंग बलोच और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने बलोच नेताओं को हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया है, लेकिन प्रशासन द्वारा बलोच नेताओं को नहीं छोड़ा जा रहा है।
ये भी पढ़ें-
Sudan: सूडान की सेना संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से सहमत, अल फशेर में एक सप्ताह के लिए होगा युद्ध विराम