पाकिस्तानी सेना ने इमरान खान के उस आरोप की निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के अधिकारी मेजर जनरल फैसल नजीर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। सेना ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा बिना किसी सबूत के एक सेवारत आईएसआई अधिकारी पर बेहद गैर जिम्मेदाराना और बेबुनियाद है। खान ने शनिवार को एक रैली में आरोप लगाया था कि दो बार उनकी हत्या की साजिश करने वाले आईएसआईए के फैसल नसीर पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या में शामिल थे।
आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय
सेना की मीडिया शाखा ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) के कड़े शब्दों वाले बयान में यह भी कहा गया है कि इमरान खान के मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अस्वीकार्य हैं। बयान में कहा गया है कि पिछले एक साल से देखा जा रहा है कि सेना और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों को राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निशाना बनाया जा रहा है। उन पर आक्षेप लगाए जा रहे हैं।
शहबाज शरीफ ने भी की थी निंदा
इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान की सेना और खुफिया एजेंसियों को बदनाम करने और धमकाने के लिए निंदा की थी।
अरशद की केन्या में हत्या कर दी गई थी
सेना के आलोचक रहे अरशद शरीफ की पिछले साल अक्तूबर में केन्या में हत्या कर दी गई थी। वह सुरक्षा एजेंसियों से अपनी जान को खतरा होने का जिक्र करते हुए देश छोड़ कर भाग गए थे। केन्या में पुलिस ने खोजी पत्रकार पर गोली चलाई थी, जिससे उनकी मौत हुई थी।
इमरान पहले लगा चुके आरोप
इमरान खान (71) ने इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह के साथ-साथ जनरल नसीर पर पिछले साल नवंबर में पंजाब प्रांत के वजीराबाद में उनकी हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इस हमले में उनके पैर में तीन गोलियां लगी थीं।