किंगफिशर जैसा है पूरा मामला
द डॉन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब साई के विदेशी इनवेस्टमेंट के बारे में बात की गई तो अधिकारी ने बताया कि बाजार में एयरलाइन का बाजार खराब होने की वजह से पैनिक होगया जिससे निवेश के लिए कोई आगे नहीं आया।
प्रदर्शन कर रहे हैं हजारों कर्मचारी
प्रदर्शन कर रहे साई के पायलट ने बताया कि विमान कंपनी ने पिछले पांच महीने से कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है। यही नहीं पाकिस्तान का एविएशन उद्योग भी क्राइसिस में हैं। फिलहाल देश में 3000 से अधिक विमान के कर्मचारी और पायलट नौकरी की तलाश में हैं।
पायलट ने बताया कि हमने पाकिस्तान के मुख्यन्यायाधीश से कहा है कि हमने उनके संज्ञान में लाने की कोशिश की है कि किस तरह से साई मैनेजमेंट के प्रॉपर्टी को बेचकर कर्मचारियों की सैलरी की भरपाई की जा सकती है।
एक दशक से फायदे में थी कंपनी
वहीं दूसरे कर्मचारी ने बताया कि साई के पास स्थानीय और विदेशी प्रॉपर्टी करीब 18 बिलियन की है। यही नहीं 2006 से 16 तक एयरलाइन फायदे में भी रही है खासकर खाड़ी देशों के रूट पर। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दस से अधिक वर्षों में एयरलाइन ने अच्छा व्यवसाय किया है। पिछले कुछ सालों में मैनेजमेंट के गलत निर्णयों की वजह से एयरलाइन लगातार घाटे में गई और आज हालात इतने खराब हो गए कि कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दिया जा रहा है।