पाकिस्तान की नापाक साजिशों ने वैश्विक मंच पर एक बार फिर उसके खतरनाक इरादों को उजागर कर दिया है। अफगानिस्तान के अस्पताल पर उसके तरफ से किए गए हमलों से एक बात तो साफ होती दिख रही है कि दवाब बनाने की साजिश में आतंकियों का पनाहगार पाकिस्तान इतना मसरूफ हो गया है कि निर्दोष लोगों की जान भी उसके लिए मामूली बन गई है। शायद इसलिए पाकिस्तान ने अब अफगानिस्तान के साथ जारी संघर्ष में अस्तपाल और आम नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मंगलवार तड़के अफगानिस्तान के अस्पताल पर पाकिस्तान की तरफ से किए गए हवाई हमले में लगभग 400 निर्दोष लोग मारे गए और 250 घायल हुए।
इस हमले ने जहां एक तरफ पाकिस्तान की साजिशों को उजागर करते हुए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर पूरे अफगानिस्तान में इस हमले ने डर और आक्रोश फैला दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बढ़ती हस्तक्षेप नीति का संकेत भी माना जा रहा है।
जब हमला हुआ तब 2000 लोग करा रहे थे इलाज
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि फरवरी से जारी इस युद्ध में सीमा पर बार-बार झड़पें हुई हैं और पाकिस्तान ने तालिबान को दबाने के लिए हवाई ताकत का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। वहीं इस हमले में हुए हताहत की जानकारी देते हुए अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता मंदुल्लाह फितरत ने बताया कि हमले के समय अस्पताल में करीब 2,000 लोग इलाज करा रहे थे। इस हमले के बाद बचाव कार्य और राहत अभियान जारी हैं, लेकिन हताहतों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
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क्यों हवाई हमले कर रहा पाकिस्तान?
बता दें कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर युद्ध फरवरी से जारी है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान को दबाने के लिए हवाई शक्ति का भी इस्तेमाल किया। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान जमीन पर युद्ध नहीं टिक सकता, इसलिए वह तालिबान पर दबाव डालने के लिए इस तरह के हमले कर रहा है। अस्पताल पर हमला एक संदेश माना जा रहा है कि तालिबान को बातचीत के लिए मजबूर किया जाए।
मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका
अफगानिस्तान के उप-सरकारी प्रवक्ता मंडुल्लाह फिटरत ने बताया कि राहत कार्य जारी हैं, आग बुझाई जा रही है और शवों को निकाला जा रहा है। अधिकारीयों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। अफगान विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान की बड़ी भूल और गलती है, जिसने अफगान जनता को और अधिक एकजुट कर दिया है।
अब समझिए पाकिस्तान ने क्या कहा?
हालांकि पाकिस्तान ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान के आरोप गलत हैं और कोई अस्पताल निशाना नहीं बना। पाकिस्तान का कहना है कि हमले का लक्ष्य तालिबान के सैन्य ठिकानों और आतंकियों के संसाधनों को नष्ट करना था।
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एक लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी हमलों के बाद अफगानिस्तान में अब तक कम से कम 475 नागरिक मारे गए और 1,15,000 लोग विस्थापित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के मौजूदा शासन को खत्म करना चाहता है और नागरिकों को निशाना बनाकर तालिबान का समर्थन कम करने की कोशिश कर रहा है।
अफगान जनता और तलिबान के बीच बढ़ा सकता है एकजुटता
गौरतलब है कि जारी इस संघर्ष के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला अफगान जनता और तालिबान के बीच एकजुटता बढ़ा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अफगान लोग अपने बच्चों को लेकर भी सीमा पर लड़ने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान का उद्देश्य अफगान नागरिकों को डराकर तालिबान का समर्थन रोकना है, लेकिन इसके विपरीत अफगान जनता और मजबूत हो रही है। इस हमले ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को और अस्थिर कर दिया है और अफगानिस्तान में आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।