वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने और ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का युद्धोन्माद अभी भी खत्म नहीं हुआ है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने वामपंथी देश क्यूबा पर भी हमले की अपनी योजना सार्वजनिक की। दरअसल अमेरिका द्वारा क्यूबा की नाकेबंदी की गई है, जिसके चलते वहां तेल नहीं पहुंच पा रहा है और इस कारण क्यूबा में पावर ग्रिड बुरी तरह से बाधित है और बिजली आपूर्ति बाधित है और क्यूबा का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में है।
ट्रंप ने क्यूबा पर हमले को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मेरा मानना है कि क्यूबा पर कब्जे का सम्मान मैं ही लूंगा और क्यूबा पर कब्जा करना या उसे आजाद कराना, ये एक बड़ा सम्मान होगा।' ट्रंप ने कहा 'मैं क्यूबा को आजाद भी करा सकता हूं और उस पर कब्जा भी कर सकता हूं। मैं इसके साथ जो चाहूं वो कर सकता हूं। क्यूबा अभी बहुत कमजोर स्थिति में है।'
क्यूबा पर अमेरिका ने बनाया आर्थिक दबाव
ट्रंप प्रशासन द्वारा क्यूबा पर आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि क्यूबा को आर्थिक रूप से अमेरिका पर निर्भर बनाया जा सके। बीते 67 वर्षों के अपने एकदलीय शासन में क्यूबा पहली बार भारी दबाव में लग रहा है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन क्यूबा के राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहा है।
क्यूबा संकट की शुरुआत इसी साल 3 जनवरी से हुई, जब क्यूबा के सहयोगी देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ने सत्ता से बेदखल कर दिया। अमेरिका ने हमला कर मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद अमेरिका ने क्यूबा की भी नाकेबंदी कर दी, जिससे क्यूबा में तेल आपूर्ति बाधित हो गई है। ट्रंप ने अपने एक बयान में कहा था कि क्यूबा अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। यह समझौता ईरान युद्ध के बाद हो सकता है।