पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शांति बहाली के प्रयास भी लगातार जारी हैं। शुक्रवार को अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तनाव में कई लोगों की जान जा चुकी है। पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' शुरू किया। इस अभियान के तहत काबुल, पक्तिया और कंधार में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। दोनों देश लंबे समय से सीमा विवाद और संघर्ष में उलझे हुए हैं। जवाबी कार्रवाई करते हुए अफगानिस्तान ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने पाकिस्तान के भीतर सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
रिचर्ड बेनेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं एक बार फिर शांति बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार तथा मानवीय कानूनों, विशेषकर नागरिकों की सुरक्षा का सम्मान करने की अपील करता हूं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव दुर्भाग्यवश हिंसा में बदल गया है। तत्काल तनाव कम करना आवश्यक है।' संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी सीमा पर झड़पों और घातक हवाई हमलों के बीच दोनों देशों से संयम और संवाद की अपील की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बल प्रयोग बढ़ाने के बजाय तत्काल राजनीतिक बातचीत की मांग करती है।
शुक्रवार को तालिबान के डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्ला फितरत ने एक्स के माध्यम से जानकारी दी कि अफगान एयर फोर्स ने इस्लामाबाद, नौशेरा, जमरूद और एबटाबाद में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। उन्होंने कहा कि ये हमले काबुल, कंधार और पक्तिया में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में किए गए। इससे पहले अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि उसकी सेनाओं ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य अड्डों के साथ 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया।
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मंत्रालय के अनुसार, ये हमले गुरुवार रात अफगान क्षेत्र में पाकिस्तान की कार्रवाई के जवाब में किए गए, जिसमें महिलाओं और बच्चों की मौत हुई थी। अफगान सेना के ऑपरेशन में डूरंड लाइन के पार पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान दो पाकिस्तानी सैन्य अड्डों और 19 पोस्ट को नष्ट कर दिया गया, जबकि चार अन्य चौकियों से सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। चार घंटे चली लड़ाई में 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने, कई के पकड़े जाने और कुछ के भाग निकलने का दावा किया गया।
अफगान मंत्रालय ने कहा कि इन अभियानों में दर्जनों हल्के और भारी हथियार, गोला-बारूद और सैन्य सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा एक टैंक को नष्ट किया गया और एक बड़ी सैन्य परिवहन गाड़ी पर कब्जा कर लिया गया। मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि इस अभियान में आठ अफगान सैनिक मारे गए और 11 अन्य घायल हुए। काबुल प्रशासन ने जानकारी दी कि अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में एक शरणार्थी शिविर पर पाकिस्तानी बलों के मिसाइल हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 13 अफगान नागरिक घायल हुए।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई अफगान बलों की ओर से विभिन्न सीमा क्षेत्रों में की गई बिना उकसावे की गोलीबारी के जवाब में की गई। पाकिस्तान वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए।
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