पाकिस्तान में एक यूट्यूबर लड़की से सार्वजनिक यौन शोषण मामले में स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार की 155 संदिग्धों को रिहा कर दिया है। इन सभी पर पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक मीनार-ए-पाकिस्तान स्थित आजाद चौक पर लड़की को भीड़ में खींचकर उसका शोषण करने का आरोप था।
पुलिस ने इन्हें रिहा करने की वजह बताएं की लड़की और उसके साथ मौजूद टीम के सदस्यों ने पहचान परेड के दौरान उनकी पहचान नहीं की। यह परेड कैंप जेल लाहौर में हुई।
14 अगस्त को आजाद चौक पर यूट्यूबर लड़की पर भीड़ ने किया था हमला
14 अगस्त को हुई इस घटना ने पाकिस्तान सहित पूरे विश्व को झकझोर दिया था। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे जिसमें लड़की को भीड़ द्वारा उछाले जाने और निर्वस्त्र करने जैसे अपराध होते दिखे थे। कई अपराधियों के चेहरे भी नजर आ रहे थे। इन्हीं के आधार पर गिरफ्तारियां की गई।
28,000 लोग घटना के समय मौजूद थे, केवल छह की पहचान हुई
पुलिस ने जीपीएस और रेडियो फ्रीक्वेंसी डाटा के जरिए फेसिंग कर 28,000 लोगों की घटना के समय होने की पुष्टि की थी। इनमें से करीब 400 लोगों को संदिग्ध माना गया, लेकिन इनमें से भी 161 की गिरफ्तारी हो सकी। पीड़ित लड़की ने अपराधियों को पहचाना है।
इसके बाद पुलिस ने पहचान परेड की निगरानी कर रहे न्यायिक मजिस्ट्रेट से कहा कि उन्हें बाकी 155 की जरूरत नहीं है। ऐसे में उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया। पहचाने गए लोगों को 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।