पिछले महीने ही अदालत ने रहीम और चार अन्य संदिग्ध के खिलाफ एक जमानती वारंट जारी किया था। जज ने पुलिस को निर्देश दिया है कि आरोपित मौलवी को 16 नवंबर तक अदालत में पेश करे।
निकाह के वक्त लड़की 13 साल की थी
अदालत ने प्रथम दृष्टया गवाहों और दस्तावेजों में लड़की के इस दावे को पुष्ट पाया कि इमरान से कराए गए जबरन निकाह के समय उसकी उम्र महज 13 साल की ही थी। नाबालिग लड़की ने इस्लाम अपनाने से भी इनकार किया है। चिकित्सकों के एक पैनल ने भी अपनी जांच में अदालत के समक्ष इस बात की पुष्टि की निकाह के समय लड़की की उम्र सिर्फ 13 से 14 साल के बीच थी।
पाक जबरन धर्मांतरण और निकाह की घटनाएं
बता दें कि पाकिस्तान में हिंदुओं और ईसाई लड़कियों को अगवाकर उनका जबरन निकाह करने का सिलसिला हैवानियत की हद पार कर गया है। पाकिस्तानी का सरकारी तंत्र इंसानियत के खिलाफ जारी इस खौफनाक सिलसिले को रोकने के बजाय या तो मूक दर्शक बना हुआ है या फिर अल्पंसख्यक समाज की लड़कियों का अपहरण और जबरन धर्मांतरण कर उनसे फर्जी निकाह करने वालों का खुलकर साथ देने में लगा हुआ है। प्रशासन भी ऐसे मामलों में कुछ कार्रवाई नहीं करता है।