पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा, देश में हाइब्रिड मॉडल नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा सैन्य शासन और रक्षा मंत्री झूठे हैं। बकौल इमरान खान, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने परोक्ष तौर से स्वीकार किया है कि सत्ताधारी दल- पीएमएल-एन नीत सरकार कठपुतली शासन है।
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि देश में कोई हाइब्रिड प्रणाली नहीं है,बल्कि पूरी तरह से मार्शल लॉ और तानाशाही चल रही है। उनका यह बयान बुधवार को रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हाइब्रिड मॉडल वाले बयान के जवाब में आया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सुप्रीमो खान की यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई जब उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि आसिफ ने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया है कि मौजूदा पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार एक कठपुतली शासन है।
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असली सत्ता मुनीर के पास है
खान ने सोशल मीडिया मंच एक्स से लिखा कि पाकिस्तान में कोई हाइब्रिड मॉडल नहीं है, बल्कि खालिस सैन्य शासन है। उन्होंने 18 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की व्हाइट हाउस में मुलाकात का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेता भी जानते हैं कि असली सत्ता मुनीर के पास है, न कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ या राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पास।
करीब दो साल से जेल में बंद हैं पूर्व प्रधानमंत्री
अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में बंद खान ने कहा, इसलिए मैंने हमेशा कहा है कि बातचीत उन लोगों के साथ की जानी चाहिए जिनके पास असली हक और ताकत हैं। वहीं, मंगलवार को पीटीआई के नेता शाह महमूद कुरैशी, डॉ यास्मीन राशिद, मियां महमूदुर रशीद, एजाज चौधरी और उमर सरफराज चीमा ने कोट लखपत जेल से लिखे संयुक्त पत्र में आसिफ के बयान को लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि यह बयान साबित करता है कि मौजूदा सरकार चोरी किए गए पीटीआई जनादेश की उपज है।
रक्षा मंत्री ने स्वीकारा सत्ता में सेना की ताकत सबसे अधिक
सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी रक्षा मंत्री आसिफ ने 20 जून को कहा कि देश में हाइब्रिड मॉडल के तहत शासन चल रहा है, जिसमें सेना का प्रभाव सबसे अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमएल-एन इस मॉडल से संतुष्ट है और अगर नवाज शरीफ ने 1990 के दशक में यही रास्ता अपनाया होता तो शायद उन्हें सत्ता से नहीं हटाया जाता। आसिफ ने यह भी कहा कि जब तक पाकिस्तान आर्थिक और प्रशासनिक संकट से बाहर नहीं आता, तब तक यह हाइब्रिड व्यवस्था एक व्यावहारिक जरूरत है।