पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान को शुक्रवार को चुनाव आयोग ने अयोग्य ठहराया है। इसके एक दिन बाद जहां खान ने इस फैसले को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है, वहीं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें 'सर्टिफाइड चोर' बताते हुए तंज कसा है।
सत्तर वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान चुनाव आयोग को राज्य के उपहारों की बिक्री से प्राप्त आय (तोशाखाना) के बारे में जानकारी देने में विफल रहे, जिसके चलते उन्हे अयोग्य करार दिया गया है और उनके पांच साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उनकी संसद सदस्यता को भी खत्म कर दिया गया है।
शरीफ ने लाहौर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि खान एक सर्टिफाइड झूठे व्यक्ति और चोर साबित हुए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह खुश वाला क्षण नहीं है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि खान ने तोशाखाना से रियायती मूल्य पर उपहरों को खरीदा और भारी मुनाफे पर बेचा। उन्होंने आगे कहा, खान को उपहारों की नीलामी करनी चाहिए थी और आय को सरकारी खजाने में जमा करना चाहिए था।
शहबाज शरीफ ने खान पर स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करके इस्लामाबाद के उपनगरीय इलाके बनिगला में घर बनाने और बाद में सत्ता में रहने के दौरान इसे वैध बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया कि अयोग्यता के फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री व उनके भाई नवाज शरीफ भी शामिल थे।
प्रधानमंत्री ने फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने पर पाकिस्तान को बधाई दी और कहा कि मैं पूरे देश को दिल की गहराइयों से बधाई देता हूं।
तोशाखाना, कैबिनेट डिविजन के प्रशासनिक नियंत्रण में एक विभाग है। इसे 1974 में स्थापित किया गया था। तोशाखाना में सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को अन्य सरकारों और अन्य देशों के प्रमुखों या गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दिए गए उपहारों को संग्रहित किया जाता है।
खान को इस साल अप्रैल के माह में अविश्वास मत के जरिए सत्ता से हटाया गया था। तब उन्होंने आरोप लगाया था कि रूस, चीन और अफगानिस्तान पर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के फैसलों के कारण अमेरिका ने उन्हें पद से हटाने की साजिश की।