रूसी सेना का यूक्रेन में हमला (फाइल फोटो)
- फोटो : ट्विटर/ यूक्रेन वर्ल्ड
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में यूक्रेन के चार इलाकों दोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसन और जपोरिजिया पर कब्जा कर उनका अपने देश में विलय की घोषणा की थी। लेकिन यूक्रेनी बल इन हिस्सों पर फिर से अपना नियंत्रण पाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, यूक्रेनी बलों की बढ़त को देखते हुए खेरसन में रूस के कठपुतली प्रशासन ने सभी निवासियों को तुरंत अपना इलाका छोड़ने का आदेश दिया है।
युद्ध के शुरूआती दिनों से रूस के कब्जे में खेरसन इलाका
क्रेमलिन समर्थित प्रशासन ने शनिवार की दोपहर एक टेलीग्राम पोस्ट में तनावपूर्ण स्थिति, गोलीबारी और आतंकी हमलों के खतरे का हवाला देते हुए नागरिकों से आह्वान किया कि वे रूसी-अधिकृत क्षेत्र में अंदर तक जाने के लिए नीपर नदी पर नाव क्रॉसिंग का इस्तेमाल करें। इस साल फरवरी के शुरूआत में रूसी बलों ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था। युद्ध के शुरुआती दिनों से ही खेरसन रूसी कब्जे में है।
गोलीबारी के बीच लाखों लोगों के लिए बिजली आपूर्ति बंद
उधर, मध्य औऱ पश्चिम यूक्रेन में सैकड़ों-हजारों लोगों की नींद गोलीबारी की आवाजों के बीच खुली। दरअसल, यूक्रेन की वायु सेना रूसी ड्रोन और आने वाली मिसाइलों से शहर का बचाव कर रहे थे। यहां दस लाख से ज्यादा लोगों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
रूसी बलों ने प्रमुख बुनियादी ढांचों को बनाया निशाना
करीब आठ महीनों से चल रहे इस युद्ध में रूस ने हाल ही तेज किए हैं। रूसी बलों ने शनिवार को देशभर के बिजली आपूर्ति स्टेशनों, जल आपूर्ति प्रणालियों और अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है।
यूक्रेन की वायु सेना का दावा- मार गिराईं 18 क्रूज मिसाइलें
यूक्रेन की वायु सेना ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि देशभर में हवाई हमले के सायरन बजने के कुछ घंटों बाद रूस ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को लक्षित करते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइलों से हमला किया। वायु सेना ने कहा कि उसने हवा और समुद्र से लॉन्च की गई 33 क्रूज मिसाइलों में से 18 को मार गिराया।
कीव के गवर्नर कहा- राजधानी में दागे गए कई रॉकेट
वहीं, कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने टेलीग्राम मैसेजिंग सर्विस में बताया कि शनिवार सुबहर राजधानी को निशाना बनाते हुए कई रॉकेट दागे गए। इसी तरह रिपोर्ट्स पश्चिम और मध्य प्रांतों के राज्यपालों ने दी हैं। इसके अलावा काला सागर में दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र से भी इस तरह की घटना रिपोर्ट की गई।