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Pakistan: इमरान के सांसदों का सामूहिक इस्तीफा नामंजूर, स्पीकर बोले- एक-एक कर दें हाथ से लिखे त्यागपत्र

Fri, 30 Dec 2022 10:53 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान नेशनल असेंबली के नियमों के अनुसार सत्यापन के लिए हाथ से लिखा इस्तीफा ही मंजूर किया जा सकता है। स्पीकर अशरफ ने गुरुवार को पीटीआई के एक प्रतिनिधि मंडल से कहा कि संविधान के अनुसार व्यक्तिगत रूप से इस्तीफे मंजूर किए जा सकते हैं, सामूहिक नहीं। 

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पाक नेशनल असेंबली में इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पाक नेशनल असेंबली के स्पीकर राजा परवेज अशरफ ने पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सांसदों के सामूहिक इस्तीफे खारिज कर दिए हैं। स्पीकर ने अपना रुख दोहराया है कि प्रत्येक सदस्य को व्यक्तिगत रूप से हस्तलिखित इस्तीफे सौंपना होंगे। 

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पाकिस्तान नेशनल असेंबली के नियमों के अनुसार सत्यापन के लिए हाथ से लिखा इस्तीफा ही मंजूर किया जा सकता है। द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार अशरफ ने गुरुवार को पीटीआई के एक प्रतिनिधि मंडल से कहा कि संविधान के अनुसार व्यक्तिगत रूप से इस्तीफे मंजूर किए जा सकते हैं, सामूहिक नहीं। 
गुरुवार को पाक संसद भवन में नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष असद कैसर के नेतृत्व में पीटीआई के प्रतिनिधि मंडल ने स्पीकर राजा परवेज अशरफ से मुलाकात की थी। इसमें अशरफ ने कहा कि पीटीआई के सांसद  इस्तीफे केवल संविधान और नेशनल असेंबली के कामकाज के नियमों व प्रक्रियाओं के अनुसार ही स्वीकार किए जा सकते हैं। 
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स्पीकर के साथ बैठक में नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी, पीटीआई के मुख्य सचेतक मलिक अमीर डोगर, अताउल्लाह खान, अमजद खान नियाजी, नियाज अहमद जाखड़, डॉ. शब्बीर हुसैन कुरैशी, फहीम खान, लाल चान मलाही और ताहिर मौजूद थे। 
पीटीआई के प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए, राजा परवेज अशरफ ने कहा कि डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी द्वारा स्वीकार किए गए इस्तीफे असंवैधानिक और अवैध थे। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जोर देकर कहा कि संवाद और राजनीतिक सुलह के लिए हमेशा गुजाइश थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पाकिस्तान के सामने मौजूद चुनौतियों को हल करने के लिए राजनीतिक सहमति महत्वपूर्ण है।
स्पीकर अशरफ ने कहा कि प्रत्येक सांसद को आठ लाख लोगों ने वोट दिया है, उनके वोटों का सवाल है। किसी एक सदस्य की ओर से दिए गए सभी सदस्यों के इस्तीफे कैसे स्वीकार किए जा सकते हैं?  अशरफ ने कहा कि पीटीआई के सदस्य नेशनल असेंबली में लौटें और अपनी संवैधानिक भूमिका निभाएं। 
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के केस क्रमांक पीएलडी 2014 का जिक्र करते हुए अशरफ ने कहा कि असेंबली का आफिस कोई पोस्ट आफिस नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने संविधान के अनुच्छे 64 और असेंबली के नियम 43 का भी उल्लेख किया। 
अशरफ ने कहा कि पीटीआई के कुछ सदस्यों के इस्तीफे नेशनल असेंबली सचिवालय को मिले थे। उन्होंने सदन से छुट्टी के लिए आवेदन किया था और कुछ ने सदन की कार्रवाई में भाग लिया था। उनके अनुसार, कराची के नेशनल असेंबली के एक सदस्य, का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था, ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और हलफनामा दायर कर कहा था कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
उधर, पाकिस्तान नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर ने देश में तत्काल चुनाव की मांग की। पीटीआई सांसदों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक इस्तीफे को मंजूरी देने का भी आग्रह किया। पाक नेशनल असेंबली के 123 पीटीआई सदस्यों ने सामूहिक रूप से 11 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था। इसके दो दिन पूर्व पार्टी अध्यक्ष इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। 
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