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UK में यौन शोषण का केस: गिरफ्तारी के बाद जमानत पर छूटे, फिर POK में चुनाव जीत गए पाकिस्तान के पूर्व मंत्री

Wed, 05 Aug 2026 10:59 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, लंंदन।

सार

ब्रिटेन में नाबालिगों के यौन शोषण और तस्करी के संगीन आरोपों में गिरफ्तार पाकिस्तान के पूर्व मंत्री रुखसार अहमद ने ज़मानत पर बाहर आकर पीओके में विधानसभा चुनाव जीत लिया है। यूके पुलिस के सामने पेश होने की शर्त तोड़ने वाले अहमद पर अब प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी का संकट गहराता जा रहा है।
 
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यूके पुलिस - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ब्रिटेन में नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण और तस्करी जैसे संगीन आरोपों में घिरे पाकिस्तान के पूर्व राज्य मंत्री रुखसार अहमद का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। मैनचेस्टर पुलिस की कस्टडी से जमानत पर बाहर आते ही उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में न केवल चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल कर ली।
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क्या है 62 साल के नेता रुखसार अहमद से जुड़ा पूरा मामला?
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने जुलाई 2024 में 62 वर्षीय रुखसार अहमद को मैनचेस्टर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। उन पर 1990 के दशक में रशहोल्म इलाके के केयर होम में रहने वाली कम उम्र की लड़कियों के बलात्कार और तस्करी का आरोप है। ब्रिटिश अखबार 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के अनुसार, दो महिलाओं ने आरोप लगाया है कि जब वे छोटी बच्चियां थीं, तब रुखसार अहमद उनके साथ यौन शोषण और तस्करी के अपराध में शामिल थे। उस समय अहमद की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच थी और वे लंबे समय तक मैनचेस्टर में रहे थे।

चुनावी मैदान में कैसे पहुंचे?
ब्रिटिश पुलिस रुखसार अहमद की विदेश यात्रा पर रोक लगाना चाहती थी, लेकिन दो साल पहले एक स्थानीय अदालत ने पुलिस की इस सख्त जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जमानत मिलने के बाद अहमद पाकिस्तान लौट आए और पीओके के मीरपुर में जोर-शोर से चुनाव प्रचार किया।
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अहमद पाकिस्तान के सत्ताधारी दल 'पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज' (पीएमएल-एन) से जुड़े हैं, जो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी है। वे 2006 से कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे और 2021 में चुनाव हार गए थे। पांच साल बाद वे फिर से विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे।

रुखसार अहमद मामले की सात बड़ी बातें
  • ब्रिटेन में गिरफ्तारी: 18 जुलाई 2024 को मैनचेस्टर एयरपोर्ट से यौन उत्पीड़न और तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हुए।
  • संगीन आरोप: 1990 के दशक में केयर होम की नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार का आरोप है।
  • कोर्ट का फैसला: पुलिस यात्रा पर रोक लगाना चाहती थी, लेकिन अदालत ने कड़ी शर्तें खारिज कर दी थीं।
  • जमानत का उल्लंघन: पिछले महीने मैनचेस्टर पुलिस के सामने पेश होना था, लेकिन वे रिपोर्ट करने में विफल रहे।
  • चुनावी जीत: जमानत पर बाहर रहते हुए पीओके के मीरपुर से विधानसभा चुनाव जीता।
  • वीआईपी संपर्क: चुनाव जीतने के बाद संघीय मंत्री अमीर मुकाम के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं।
  • प्रत्यर्पण का खतरा: अगले छह हफ्तों में ब्रिटेन पुलिस के सामने पेश न होने पर रेड कॉर्नर या प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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अब आगे क्या करेगी मैनचेस्टर पुलिस?
रुखसार अहमद को अगले छह हफ्तों के भीतर मैनचेस्टर पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है। यदि वे तय समय सीमा में यूके लौटकर पुलिस के सामने पेश नहीं होते हैं, तो ब्रिटिश अधिकारी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकते हैं या उनके प्रत्यर्पण के लिए कानूनी कदम उठा सकते हैं। फिलहाल ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया है।
 
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