वीडियो लिंक के जरिए सुनवाई में शामिल होने की अनुमति
लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख खान को मामले में वीडियो लिंक के जरिए सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी। हालांकि, यह अनुमति केवल एक बार के लिए दी गई है। अपदस्थ प्रधानमंत्री ने आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत रेसकॉर्स पुलिस थाने में दर्ज तीन प्राथमिकियों में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। वह बार-बार दावा करते रहे हैं कि उनकी जान को खतरा है, जिसके कारण वह अदालत की सुनवाई में भाग नहीं ले सकते हैं।
न्यायाधीश ने पूछा- इमरान की जान को क्यों खतरा है?
न्यायाधीश एजाज अहमद भुट्टा ने खान के वकील सलमान सफदर से पूछा कि उन्होंने ऐसा क्या किया है जिसके लिए उन्हें जान का खतरा है? इस पर सफदर ने कहा कि जो लोग (पिछले नवंबर में) उनके मुवक्किल पर बंदूक से हमला करने वाले थे, वे ही इसका जवाब दे सकते हैं।
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