आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान हाई अलर्ट पर है और अगर हमारे अस्तित्व पर खतरा पैदा होता है, तो ही हम अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का इस्तेमाल करेंगे।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना में पाकिस्तान का हाथ होने की बात सामने आई है। भारत ने कुल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने का खुलासा किया है।
भारत ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद एक कार्रवाई जारी रखी है और सिंधु जल समझौता तोड़ने के बाद सोमवार को पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स से जुड़ी सामग्री को भी बैन करने का फैसला किया है।
Pahalgam Attack: भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान की उड़ी नींद; खुद को बचाने के लिए चीन-रूस के कदमों में गिरा
गौरतलब है कि ख्वाजा आसिफ इससे पहले अपने एक बयान के जरिए सार्वजनिक रूप से कबूल चुके हैं कि पाकिस्तान सरकार तीन दशकों से आतंकी संगठनों को समर्थन और प्रशिक्षण देने का ‘गंदा काम’ करती आई है।
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भारत को रोकने के लिए चीन-रूस के कदमों में गिरा पाकिस्तान
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को दिए गए एक हालिया साक्षात्कार में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहलगाम हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच में चीन और रूस की भागीदारी की बात की। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक कि पश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं, जिसे जांच का काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत झूठ बोल रहा हैं या सच। उन्होंने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय दल को इस बात का पता लगाने दें।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का प्रस्ताव रखा है। इस बात के कुछ सबूत होने चाहिए कि पाकिस्तान इसमें शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था। ये सिर्फ खोखले बयान और कुछ नहीं।