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बुकर प्राइज: साहित्य जगत में भारत का डंका, फाइनल की दौड़ में पद्मा विश्वनाथन की जगह पक्की

Tue, 31 Mar 2026 11:29 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

भारतीय मूल की प्रख्यात लेखिका और अनुवादक पद्मा विश्वनाथन ने प्रतिष्ठित 'अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026' की अंतिम सूची में अपनी जगह पक्की कर ली है। पद्मा विश्वनाथन को यह सम्मान ब्राजील की जानी-मानी लेखिका एना पाउला माया के चर्चित उपन्यास 'ऑन अर्थ ऐज इट इज बिनीथ' के बेहतरीन अंग्रेजी अनुवाद के लिए दिया गया है।
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पद्मा विश्वनाथन - फोटो : @thebookerprizes.com
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विस्तार
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साहित्य की दुनिया से भारत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय मूल की प्रख्यात लेखिका और अनुवादक पद्मा विश्वनाथन ने प्रतिष्ठित 'अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2026' की अंतिम सूची में अपनी जगह पक्की कर ली है। उनकी इस उपलब्धि ने वैश्विक पटल पर भारतीय प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
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पाउला माया के चर्चित उपन्यास का किया अनुवाद
पद्मा विश्वनाथन को यह सम्मान ब्राजील की जानी-मानी लेखिका एना पाउला माया के चर्चित उपन्यास 'ऑन अर्थ ऐज इट इज बिनीथ' के बेहतरीन अंग्रेजी अनुवाद के लिए दिया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हर साल दुनिया की उस बेहतरीन साहित्यिक कृति को दिया जाता है, जो मूल रूप से अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य भाषा में लिखी गई हो और बाद में उसका अंग्रेजी में अनुवाद प्रकाशित हुआ हो।

इस साल पुरस्कार के लिए चुनी जाने वाली जूरी की कमान मशहूर लेखिका नताशा ब्राउन के हाथों में है। इस जूरी पैनल में भारत की वरिष्ठ लेखिका निलांजना एस रॉय भी शामिल हैं। पुरस्कार के नियमों के मुताबिक, इसके तहत मिलने वाली 50,000 पाउंड ,लगभग 53 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि को मूल लेखक और अनुवादक के बीच आधा-आधा यानी बराबर बांटा जाता है।
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19 मई को होगा विजेता के नाम का एलान
इस बार की शॉर्टलिस्ट में शामिल कुल छह पुस्तकों में से ज्यादातर किताबों को महिला लेखिकाओं ने लिखा है। इन किताबों में इतिहास के कुछ सबसे दर्दनाक और गहरे पन्नों को समेटा गया है। इसमें 1930 के दशक का ताइवान, नाजी जर्मनी का खौफनाक दौर और 1979 की ऐतिहासिक ईरान क्रांति शामिल हैं।
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पद्मा विश्वनाथन ने कहा कि उन्हें अनुवाद के इस खूबसूरत क्षेत्र में कदम रखने की असली प्रेरणा भारतीय महिला लेखन के एक शानदार संग्रह (एंथोलॉजी) को पढ़कर मिली थी। अब पूरी दुनिया की नजरें 19 मई पर टिकी हैं, जब लंदन में विजेता के नाम का एलान किया जाएगा। 

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