फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा: ऑक्सफोर्ड के लिए बनने वाली वैक्सीन में से 50 फीसदी भारत के लिए होंगी

Wed, 22 Jul 2020 09:36 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
विज्ञापन
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : social media
विज्ञापन

कोरोना वैक्सीन को लेकर एक राहत की खबर है। पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की जा रही वैक्सीन के दिसंबर तक 30-40 लाख डोज तैयार हो जाएंगी।  एसआईआई के प्रमुख अदर पूनावाला ने बताया कि ऑक्सफोर्ड के लिए बनने वाली वैक्सीन में से 50 फीसदी भारत के लिए होगी।

विज्ञापन



अदार पूनावाला ने कहा कि कोविडशील्ड कोरोना वायरस को हराने वाली पहली कोरोना वैक्सीन हो सकती है अगर इसका परीक्षण ब्रिटेन और भारत में सफल रहता है।

दुनिया में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया सबसे बड़ा वैक्सीन मेन्युफेक्चरर (उत्पादक) है, इसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने वैक्सीन बनाने के लिए चुना है। एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से बनाई गई वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। 

लैंसेट जर्नल में छपे वैक्सीन के परिणाम के अनुसार जिन लोगों को ये वैक्सीन दी गई है, उनमें मजबूत टी-सेल्स इम्यून रिस्पॉन्स दिखा है। अदार पूनावाला ने बताया कि वो अगस्त तक पांच हजार स्वैच्छिक भारतीयों पर कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल शुरू करेंगे और अगर सब कुछ सही रहा तो अगले साल जून तक वैक्सीन लॉन्च कर देंगे।
विज्ञापन


एक इंटरव्यू के दौरान पूनावाला ने कहा कि अगस्त तक वैक्सीन को बड़े स्तर पर उत्पाद करेंगे। दिसंबर तक हम 30-40 लाख डोज तैयार कर देंगे। अभी यही हमारा लक्ष्य है और उम्मीद है कि इसे पूरा कर लिया जाएगा। पूनावाला ने कहा कि साल 2021 की पहली तिमाही में भारत में बड़ी आबादी के पास वैक्सीन की पहुंच हो जाएगी। 

पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन को किफायती दाम में बेचा जाएगा, हमारी कोशिश है कि इसकी कीमत एक हजार रुपये के आस-पास या उससे कम रहे। हमें नहीं लगता कि किसी देश या उसके नागरिकों को इसे खरीदने की जरूरत पड़ेगी क्योंकि देश की सरकारें इसे खरीदेंगी और मुफ्त में बांटेंगी।

एसआईआई ने बताया कि बाजार में वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले 30 करोड़ डोज बनाने को लेकर कंपनी ने करीब 200 मिलियन डॉलर को दांव पर रखा है। पुणे और मुंबई में विकासशील स्तर वाली वैक्सीन का चार से पांच हजार स्वैच्छिक लोगों पर परीक्षण किया जाएगा। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें