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पाकिस्तान: एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' पर विपक्ष ने इमरान खान सरकार को घेरा

Mon, 26 Oct 2020 01:10 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, इस्लामाबाद
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पाक पीएम इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विपक्ष ने आतंकवाद के वित्त पोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ‘ग्रे’ सूची में पाकिस्तान के बने रहने पर इमरान सरकार की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष ने इसे प्रधानमंत्री इमरान खान की विफलता बताया है। 

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एफएटीएफ का फैसला पाकिस्तान सरकार की गलती

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने कहा कि ‘ग्रे’ सूची पर एफएटीएफ का निर्णय पाकिस्तान सरकार की विफलता को दिखाता है। ग्रे सूची से पाकिस्तान को बाहर निकालने के लिए इमरान सरकार ने ठीक तरीके से कानूनी मसौदा तैयार नहीं किया। सरकार मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सकी और वह पूरी तरह नाकाम रही।


पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन सीनेट में पीपीपी के नेता शेरी रहमान ने पूछा, सरकार के प्रतिनिधियों ने समय पर अपना होमवर्क पूरा क्यों नहीं किया? एफएटीएफ के अंदरूनी सूत्रों से पता चला है कि इमरान सरकार ने असावधानीपूर्ण और अस्पष्ट रूप से कानूनी मसौदा तैयार किया। उसने अपना काम समय पर पूरा क्यों नहीं किया? सरकार अपनी पूरी ताकत विपक्षी नेताओं को परेशान करने में लगा रही है। 
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एफएटीएफ ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि पाकिस्तान उसकी ग्रे सूची में अगले साल फरवरी तक बना रहेगा। एफएटीएफ ने 27 सूत्रीय एक्शन प्लान में से छह अहम मानदंड लागू करने में नाकाम रही पाकिस्तान सरकार को आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की हिदायत दी है। पाकिस्तान को ग्रे सूची में बरकरार रहने के बाद आईएमएफ, एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल होगा। आतंकवाद के वित्त पोषण पर लगाम लगाने में विफल रहने पर एफएटीएफ ने जून, 2018 में पाकिस्तान को अपनी ग्रे सूची में डाल दिया था। 

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