ईरान की कुख्यात नैतिकता पुलिस ने कुर्द-ईरानी युवती अमीनी (22 वर्षीय) को हिरासत में लिया था। जिसके बाद उसकी हिरासत में मौत हो गई थी। अमीनी ने कथित तौर पर अपना हेड स्कार्फ ठीक नहीं पहना हुआ था, जिसके बाद उसे 'री-एजुकेशन सेंटर' ले जाया गया था।
एक ईरानी पत्रकार के मुताबिक, अमीनी के पिता अमजद को उनकी बेटी की मौत के बाद हाल के महीनों में सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से तलब किया गया। आज उन्हें कुछ घंटों के लिए हिरासत में लिया गया।
सीएनएन ने ईरानवायर के हवाले से बताया कि अमिनी का परिवार उनकी मौत के एक साल पूरे होने की पूर्व संध्या पर पश्चिमी कुर्द शहर सक्केज में पुण्यतिथि के आयोजन के लिए पहुंचा था। हालांकि, उस दिन के बाद अमजद को उनके बेटे के साथ अधिकारियों ने तीन से चार घंटे तक हिरासत में रखा।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमजद के बेटे को चेतावनी दी गई थी कि अगर उसने लोगों को अमिनी की पुण्यतिथि समारोहों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तो उसे एक दूरदराज के गांव में निर्वासित कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अमजद को हिरासत में लिए जाने की खबरों का खंडन किया है। सीएनएन के मुताबिक, ईरान के स्थानीय मीडिया आउटलेट आईआरएनए ने टेलीग्राम पोस्ट में इन खबरों को गलत बताया है।
उनके परिवार के एक सदस्य और ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) की रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले मंगलवार को अमिनी के चाचा सदा एली को ईरानी अधिकारियों ने पकड़ लिया था।
अमीनी की मौत की वजह से ईरान में वर्षों में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो बाद में एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अन्य मुद्दों के साथ-साथ महिलाओं के साथ शासन के व्यवहार का भी विरोध किया। सीएनएन के मुताबिक, शनिवार को एक साल पहले अमीनी की मौत के बाद विरोध प्रदर्शनों के कठोर दमन से जुड़े 20 से अधिक ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं को शुक्रवार को बाइडन प्रशासन द्वारा दंड का सामना करना पड़ा।