अमेरिकी अस्पतालों में आईसीयू क्षमता घटी
अमेरिका में जहां एक दिन में 1.51 लाख लोग रिकॉर्ड संख्या में भर्ती हुए हैं वहीं देश के 19 राज्यों के पास अपने आईसीयू में 15 फीसदी से भी कम क्षमता शेष बची है। जबकि केंटकी, अलबामा, इंडियाना और न्यू हैम्पशायर प्रांतों में यह संख्या 10 फीसदी से भी कम है। देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते प्रसार को देखते हुए अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों की संख्या भी घट गई है।
इस कारण दबाव काफी अधिक पड़ रहा है। एरिजोना, डेलावेयर, जॉर्जिया, मैसाचुसेट्स, मिसिसिपि, मिसौरी, नेवादा, न्यू मैक्सिको, उत्तरी कैरोलिना, ओहियो, ओक्लाहोमा, पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड, टेक्सास और वरमोंट में हालात बेहद खराब हैं।
चीन में सख्ती, लोगों से कहा- घरों में ही रहें
चीन ने कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से प्रभावित शहरों में लोगों को घरों पर ही रहने का आदेश दिया है। हेनान प्रांत के युझोउ शहर में शुक्रवार को 6,000 क्वारंटीन कमरों की तैयारी तेज हो गई है। इसके अलावा झेंग्झाउ में 5,000 क्वारंटीन कक्ष अप्रैल तक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिजियांजुआंग, झिगोऊ और शेन्नान शहरों में भी सख्ती बढ़ा दी गई है।
इटली में भी अब ओमिक्रॉन फैला
कोरोना वायरस का अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएट अब इटली में भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान ने शुक्रवार को बताया कि 3 जनवरी को कराए गए एक सर्वेक्षण में 81 फीसदी मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट के पाए गए। जबकि 20 दिसंबर को ओमिक्रॉन संक्रमण सिर्फ 28 फीसदी ही था। 3 जनवरी के सर्वे में देश के भीतर डेल्टा स्वरूप के मामले 19 फीसदी हैं।
कोरोना के दो नए ट्रीटमेंट को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी
दुनिया भर में बढ़ते संक्रमण के बीच डब्ल्यूएचओ ने दो नए कोरोना ट्रीटमेंट (इलाज) की मंजूरी दी है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल द बीएमजे के अनुसार , विशेषज्ञों ने कहा कि कॉर्टिकॉसेरॉइड के साथ इस्तेमाल की जाने वाली गठिया (आर्थराइटिस) की दवा बारिसिटिनिब गंभीर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेहतर साबित हुई और वेंटिलेटर की आवश्यकता कम हो गई। इसके अलावा विशेषज्ञों ने सिंथेटिक एंटीबॉडी ट्रीटमेंट सोट्रोविमैब की भी सिफारिश की है। यह बुजुर्गों और मधुमेह जैसी पुरानी बीमारियों के लिए कारगर साबित हो सकता है।
अफ्रीका में आई चौथी लहर थमी : डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अफ्रीका में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से आई चौथी लहर अब थमती प्रतीत हो रही है। छह सप्ताह तक मामलों में तेजी के बाद इनमें गिरावट आनी शुरू हो गई है। इस वैरिएंट का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को सामने आया था। डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे संक्रमण का चिंताजनक स्वरूप घोषित किया था।