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कल होगा पीएम ओली के भाग्य का फैसला, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने बढ़ाया प्रधानमंत्री पर इस्तीफे का दबाव

Sun, 05 Jul 2020 12:56 AM IST
अवधेश कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
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KP Sharma Oli
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भारत विरोधी टिप्पणी करके अपनी ही पार्टी में पड़ते इस्तीफे के दबाव से नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली को अब सोमवार तक की मोहलत मिल गई है। शनिवार को होने वाली नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी की स्थायी समिति की बैठक पदाधिकारियों ने सोमवार तक सिर्फ इसलिए स्थगित कर दी ताकि पार्टी की एकता को बचाया जा सके और समझौते तक  पहुंचा जा सके।
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काठमांडू पोस्ट ने बिष्णु सापकोटा दहल के प्रेस सलाहकार के हवाले से कहा है कि स्थायी समिति की बैठक को सोमवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है क्योंकि आगे की चर्चा के लिए नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के दोनों पक्षों (ओली और प्रचंड) के बीच समझ बनाने की जरूरत है। इससे पहले एनसीपी की 45 सदस्यीय स्थायी समिति की अहम बैठक शनिवार को होने वाली थी। 

बता दें कि भारत विरोधी टिप्पणी पर एनसीपी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल अपनी ही पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री ओली केे खिलाफ हो गए हैं और उनसे इस्तीफे की मांग रख दी है। सोमवार को होने वाली बैठक में प्रचंड गुट के नेता ओली पर इस्तीफे का दबाव बनाएंगे। इस गुट के शीर्ष नेताओं ने कहा है कि ओली की भारत विरोधी टिप्पणी राजनीतिक रूप से पूरी तरह अनुचित है।
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कुर्सी बचाने में जुटे ओली

इस पूरे प्रकरण के बाद एनसीपी में दरार स्पष्ट रूप से सतह पर आ गई है। एक गुट का नेतृत्व ओली कर रहे हैं और दूसरे का प्रचंड। दरअसल, एनसीपी की दूसरी यूनिट को नेपाल में काफी प्रभावशाली माना जाता है। ओली ने इस यूनिट के बड़े नेताओं से उनके दफ्तर और घर तक जाकर मुलाकात करके उनसे मदद मांगी है ताकि उनकी कुर्सी बच जाए।

अध्यादेश ला सकते हैं पीएम

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के संपर्क में भी हैं, ताकि उन्हें समर्थन मिल सके। ओली एक अध्यादेश लाकर राजनीतिक दल अधिनियम में बदलाव भी कर सकते हैं। इससे उन्हें पार्टी को बांटने में आसानी होगी। यदि पार्टी टूटती है तो ओली को अपने समर्थन में 138 सांसद दिखाने होंगे। लेकिन अध्यादेश के बाद उन्हें सिर्फ 30 प्रतिशत सांसद का समर्थन दिखाना होगा।
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