चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में बुरे नतीजे आने और महामारी नियंत्रण में नाकाम रहने पर ट्रंप ने खुद को नए वामपंथी-फासीवाद के विरुद्ध लड़ाई में उतारने का संकल्प लिया। अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह पर माउंट रशमोर भाषण में सांस्कृतिक युद्ध छेड़ने का संदेश दिया। ट्रंप ने महामारी के खतरों को दरकिनार कर भीड़ से कहा नस्ली प्रदर्शनकारियों ने हमारे इतिहास को मिटाने के लिए क्रूर अभियान छेड़ दिया है।
बता दें कि मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। ट्रंप ने कहा नस्ली अन्याय व पुलिस क्रूरता के विरुद्ध प्रदर्शनों के बीच लोगों ने हमारे इतिहास को मिटाने के लिए एक निर्दयी अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत कई स्मारकों और प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया। ट्रंप ने कहा, कुछ लोग हमारे नायकों को बदनाम करके हमारे मूल्यों को मिटाना चाहते हैं और वे हमारे बच्चों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ट्रंप ने एक एंफीथिएटर में खड़े होकर नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव से पहले इस विभाजनकारी भाषण के साथ अपने अभियान की शुरूआत की। उन्होंने नरमपंथियों को वाम विचारधारा का बताते हुए कहा कि इन लोगों ने देश को अधिनायकवाद की तरफ धकेलने की कोशिश की है।