संयुक्त राष्ट्र संघ ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी है कि उत्तर कोरिया में खाने की भारी कमी चल रही है। इस देश को मानवीय सहायता की काफी जरूरत है।
संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्लूएफपी) के हेड डेविड बेसले ने इस समस्या को खत्म करने के लिए दान देने की अपनी की है। उन्होंने कहा है कि वे ये सुनिश्चित करेंगे कि यहां लोगों तक खाना पहुंचे।
उत्तर कोरिया में खाने की कमी को लेकर फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन और डब्यूएफपी की रिपोर्ट आने के बाद इसपर चर्चा करने के लिए बेसले सियोल गए। यहां उन्होंने एक मंत्री से मुलाकात की।
इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि करीब एक करोड़ लोग (कुल जनसंख्या का 40 फीसदी) खाने की कमी का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से गर्मियों में फसल खराब होने से। बेसले ने कहा, "हम यहां की स्थित से काफी चिंतित हैं, और हमें उम्मीद है कि हम किसी उपाय के साथ आगे आएंगे।"
बेसले की मुलाकात से पहले बीते हफ्ते दक्षिण कोरिया की सरकार ने अपने पड़ोसी देश को खाने की सहायता देने की बात कही है। साल 2017 में भी दक्षिण कोरियाई सरकार ने उत्तर के लिए एक सहायता पैकेज को मंजूरी दी थी। जिसकी कीमत करीब 80 लाख डॉलर थी।
हालांकि अभी तक इस पैकेज को नहीं भेजा जा सका है। इसके पीछे का कारण है परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता में कोई प्रगति ना आना। वहीं 2010 में सिओल ने उत्तर कोरिया को सहायता देते हुए 5 हजार टन चावल पहुंचाया था।