उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। दक्षिण कोरिया ने यह जानकारी दी है। उत्तर कोरिया का इस साल बैलेस्टिक मिसाइल का यह नौवां परीक्षण है। पिछले महीने, उत्तर कोरिया ने 20 से अधिक कम दूरी की मिसाइलें दागी थीं। इस साल उनसे दर्जनों मिसाइल परीक्षण किए हैं।
दक्षिण कोरिया और जापान के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर कोरिया ने रविवार को अपने पूर्वी तट से बैलिस्टिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया के सेना प्रमुख ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण रविवार सुबह किया गया। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मिसाइल लॉन्च की पुष्टि की है।
जापान ने कहा है कि उत्तर कोरिया की संदिग्ध मिसाइल जापान और कोरियाई प्रायद्वीप के बीच समुद्र में गिरी। हालांकि, इसकी जानकारी नहीं दी गई है कि मिसाइल जापानी तट से कितनी दूरी पर थी। जापानी मीडिया ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा कि मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरी।
उत्तर कोरिया ने किया था अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण
इससे पहले 18 नवंबर को उत्तर कोरिया ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया था। अमेरिका और जापान ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा बताया है और उत्तर कोरिया के गैर कानूनी शस्त्र विकास कार्यक्रम व बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण को रोकने पर जोर दिया। वहीं, उत्तर कोरिया का कहना है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की उकसावे की कार्रवाई के जवाब में मिसाइल परीक्षण कर रहा है।
उत्तर कोरिया के पास परमाणु-संचालित मिसाइलें
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत पाने और अन्य रियायतें हासिल करने के लिए परणामु हथियारों की परीक्षण कर रहा है। हालांकि, अभी तक उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमता की सटीक स्थिति का पता नहीं चला है। विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि उत्तर कोरिया के पास पहले से ही परमाणु-संचालित मिसाइलें हैं, जो पूरे अमेरिका पर हमला कर सकती हैं। हालांकि, कुछ का यह भी कहना है कि उत्तर कोरिया अभी भी ऐसे हथियारों को हासिल करने से दूर है।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया लगातार सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम के सामने अपनी संयुक्त रक्षा क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दिया है। वहीं, उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ संभावित संघर्ष में पहले से ही परमाणु हथियारों का उपयोग करने की धमकी दी है।