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North Korea: किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया-US संयुक्त सैन्य अभ्यास की निंदा की, परमाणु ताकत बढ़ाने का किया एलान

Wed, 20 Aug 2025 12:21 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल

सार

अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की नाराजगी सामने आई है। उन्होंने इस अभ्यास को युद्ध भड़काने की कोशिश बताया है। किम ने कहा कि इन उकसाने वाले अभ्यासों के जवाब में उत्तर कोरिया अपनी परमाणु क्षमता को तेजी से बढ़ाएगा।

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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग - फोटो : PTI
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विस्तार
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उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास को युद्ध भड़काने की कोशिश बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इन अभ्यासों के जवाब में उत्तर कोरिया अपनी परमाणु ताकत को और तेजी से बढ़ाएगा। किम ने सोमवार को पश्चिमी बंदरगाह शहर नामपो में अपने सबसे उन्नत युद्धपोत 'चोए ह्योन' का निरीक्षण किया, जो परमाणु हमले की क्षमता से लैस किया जा रहा है। यह युद्धपोत अप्रैल में पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया गया था और अगले साल नौसेना में शामिल किया जाएगा।

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बता दें कि किम जोंग की प्रतिक्रिया तब सामने आई जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने सोमवार से उलची फ्रीडम शील्ड नाम से 11 दिन का बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें 21,000 सैनिक शामिल हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को आक्रमण की तैयारी मानता है और इसका जवाब अपने सैन्य परीक्षणों से देता रहा है। किम ने कहा कि अब ये अभ्यास और भी ज्यादा उकसाने वाले हो गए हैं क्योंकि इनमें परमाणु तैयारी का भी तत्व शामिल है। ऐसे में हमें प्रभावी और जबरदस्त जवाबी कार्रवाई करनी होगी।

सैन्य अभ्यास पर क्या है अमेरिका-दक्षिण कोरिया का रुख?
वहीं इस सैन्य अभ्यास को लेकर दक्षिण कोरिया और अमेरिका का कहना है कि 'उलची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास का मकसद उत्तर कोरिया की परमाणु और मिसाइल धमकी से निपटना है। इसमें यूक्रेन युद्ध और ईरान-इस्राइल टकराव जैसे हालिया संघर्षों से सीखे गए सबक भी शामिल हैं, साथ ही ड्रोन, जीपीएस जामिंग और साइबर हमलों जैसी आधुनिक चुनौतियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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नौसेना को परमाणु ताकत से लैस करने की तैयारी
साथ ही इस दौरान किम जोंग ने युद्धपोत 'चोए ह्योन' को उत्तर कोरिया की नौसेना को परमाणु-सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया। यह युद्धपोत एंटी-एयर और एंटी-नेवल सिस्टम के साथ-साथ परमाणु हथियार ले जाने वाले बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों से लैस किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो किम ने तीसरे युद्धपोत के निर्माण की प्रगति का भी जायजा लिया और अक्तूबर तक इसके परीक्षण करने के निर्देश दिए है।

कोरियाई प्रायद्वीप अभी भी तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में है, क्योंकि कोरियाई युद्ध (1950-53) के बाद कोई शांति समझौता नहीं हुआ। किम की परमाणु नीति और रूस से नजदीकियां, खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद, इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं।
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किम जोंग से रिश्ते सुधारना चाहते हैं ली जे मयोंग
वहीं दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति ली जे मयोंग उत्तर कोरिया से संबंध सुधारना चाहते हैं। यहीं कारण है कि उन्होंने शुक्रवार को उत्तर कोरिया से 2018 के उस सैन्य समझौते को फिर से लागू करने की अपील की, जो सीमा पर तनाव कम करने के लिए बना था। हालांकि 2024 में दक्षिण कोरिया ने यह समझौता निलंबित कर दिया था जब उत्तर कोरिया ने दक्षिण में कचरा भरे गुब्बारे भेजे थे।

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