उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने ड्रोन तकनीक का तेजी से विस्तार करने का आह्वान किया और कई हथियारों के परीक्षण देखे। सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया और उसका पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया अपनी भारी सुरक्षा वाली सीमा पर आमने-सामने हैं। यह रिपोर्ट दक्षिण कोरियाई सेना के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर लगभग 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। 17 दिनों में यह पहली बार था जब उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक हथियारों का परीक्षण किया।
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उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' (केसीएनए) ने बताया कि किम ने गुरुवार को कई तरह के हमलावर और अन्य ड्रोनों की एक प्रदर्शनी का दौरा किया। ये ड्रोन मानवरहित विमानन तकनीक के क्षेत्र में हाल की उपलब्धियों को दर्शाते हैं। केसीएनए के अनुसार, प्रदर्शनी में अपने भाषण के दौरान किम ने ड्रोन तकनीक में पूर्ण श्रेष्ठता हासिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मानवरहित विमानन तकनीक के तेजी से विस्तार और उसे मजबूत करने के लिए कुछ कदम उठाने की भी घोषणा की, हालांकि इन कदमों के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप द्वारा किम के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की इच्छा जताने के बाद, उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ संभावित कूटनीतिक चर्चाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
केसीएनए ने रिपोर्ट में क्या बताया?
केसीएनए ने बताया कि इसके बाद उत्तर कोरिया ने कई ड्रोनों, मिसाइलों और 600 मिमी कैलिबर वाले अल्ट्रा-प्रिसिजन मल्टीपल रॉकेट लॉन्चरों से हथियारों का परीक्षण किया। केसीएनए द्वारा जारी तस्वीरों में किम को हवा में उड़ते हथियारों को देखते हुए या मुट्ठी भींचे हुए देखा जा सकता है, जबकि उनके बगल में उनकी किशोर बेटी ताली बजा रही थी। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का मानना है कि यह लड़की, जिसकी उम्र लगभग 13 वर्ष बताई जा रही है, संभवतः किम की उत्तराधिकारी हो सकती है।
दोनों देशों के बीच कैसे बढ़ा तनाव?
दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव पिछले महीने सीमा पर हुए बारूदी सुरंग विस्फोटों के बाद से काफी बढ़ गया है। इन विस्फोटों में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। सियोल ने उत्तर कोरिया पर सैन्य सीमा रेखा के दक्षिण में बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया और माफी की मांग की। लेकिन प्योंगयांग ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और चेतावनी दी कि अगर उन्हें उकसाया गया, तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगे।
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पिछले हफ्ते, उत्तर कोरिया ने सीमा पर लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार फिर से शुरू करने और नए हथियार प्रणालियों को तैनात करने की धमकी दी थी। 2019 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम की अहम कूटनीतिक बातचीत विफल होने के बाद, उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत से खुद को अलग कर लिया है। हाल के हफ्तों में, उत्तर कोरिया ने हथियारों के परीक्षण की गतिविधियां तेज कर दी हैं