चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के साथ ही नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को भौतिकी विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। वहीं, बुधवार को रसायन विज्ञान और बृहस्पतिवार को साहित्य के क्षेत्र में इन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। इस वर्ष (2022) के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में पुरस्कार की घोषणा 10 अक्तूबर को की जाएगी।
स्वीडन के पाबो को चिकित्सा का नोबेल
चिकित्सा के क्षेत्र में इस साल का नोबेल पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक स्वैंते पाबो को देने की घोषणा की गई। उन्हें यह पुरस्कार ‘मानव के क्रमिक विकास’ पर खोज के लिए दिया गया है। पाबो ने आधुनिक मानव और विलुप्त प्रजातियों के जीनोम की तुलना कर बताया कि इनमें आपसी मिश्रण है।
नोबेल कमेटी के सचिव थॉमस पर्लमैन ने स्टाकहोम, स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में सोमवार को इस पुरस्कार के विजेता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाबो ने आधुनिक मानव और हमारी करीबी विलुप्तप्राय प्रजाति निएंडरथल और डेनिसोवंस के ‘जीनोम’ की तुलना के लिए शोध की अगुवाई की। इसमें उन्होंने यह साबित किया कि इन प्रजातियों के बीच मिश्रण है। पुरस्कार पैनल ने कहा कि स्वैंते पाबो ने मानव विकास पर अपनी खोजों से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान की। यह हमें हमारे विलुप्त कजिन्स (चचेरे भाइयों) की तुलना में अद्वितीय बनाती है। पाबो ने नई तकनीकों के विकास का नेतृत्व किया जिसने शोधकर्ताओं को आधुनिक मनुष्यों के जीनोम तथा निएंडरथल व डेनिसोवन्स के अन्य होमिनिनों की तुलना का मार्ग सुझाया है।
नए वैज्ञानिकों के लिए मील का पत्थर
निएंडरथल हड्डियों को पहली बार 19 वीं शताब्दी के मध्य में खोजा गया था। उनके डीएनए को अनलॉक करके वैज्ञानिकों ने प्रजातियों के बीच संबंधों को समझने की कोशिश की। इसमें वह वक्त शामिल है जब आधुनिक मानव और निएंडरथल एक प्रजाति के रूप में अलग हो गए थे। नोबेल समिति के अध्यक्ष अन्ना वेडेल ने बताया कि यह सब करीब 800,000 साल पहले निर्धारित हुआ था। पाबो का शोध नए वैज्ञानिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
प्रतिरक्षा प्रणाली व कोरोना संक्रमण का संबंध
पाबो और उनकी टीम ने पाया कि निएंडरथल से होमो सेपियंस तक जीन प्रवाह हुआ था। यह दर्शाता है कि सह-अस्तित्व की अवधि के दौरान उनके बच्चे एक साथ थे। होमिनिन प्रजातियों के बीच जीन का यह स्थानांतरण इस बात को प्रभावित करता है कि आधुनिक मनुष्यों की प्रतिरक्षा प्रणाली कोरोना वायरस जैसे संक्रमणों के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करती है। अफ्रीका के बाहर लगभग 1-2 फीसदी लोगों में निएंडरथल जीन होते हैं।
पिता बर्गस्ट्रॉम को 1982 में मिला था चिकित्सा का नोबेल
स्वीडिश वैज्ञानिक स्वैंते पाबो (67) ने जर्मनी के म्यूनिख विवि और फिर मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर इवोल्यूशनरी एंथ्रोपोलॉजी में अध्ययन किया। वह सुने बर्गस्ट्रॉम के पुत्र हैं जिन्हें 1982 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला था।