मैच के बाद हुए विवाद को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जिसके चलते प्रशंसकों के बीच भगदड़ मच गई थी और ज्यादातर लोगों की मौत भीड़ से कुचले जाने के कारण हुई।
इंडोनेशिया में शनिवार शाम एक फुटबॉल मैच के बाद मची भगदड़ में मारे गए 125 लोगों के शवों के सोमवार को उनके घर पहुंचते ही उनके परिवार और दोस्तों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों में 17 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस ने घटना के लिए 18 अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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मैच के बाद हुए विवाद को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जिसके चलते प्रशंसकों के बीच भगदड़ मच गई थी और ज्यादातर लोगों की मौत भीड़ से कुचले जाने के कारण हुई। आर्मेनियाई फैकोतुल हिकमाह (22) का शव कंजुरुहान स्टेडियम की एक इमारत से मिला पूर्वी जावा के जेम्बर में जैसे ही उसका शव लाया गया रिश्तेदारों का संयम टूट गया।
उसके दोस्त अब्दुल मुकीद चार दोस्तों समेत ब्लैक में टिकट लेकर मैच देखने गए लेकिन हादसे में दो की मौत हो गई। उसने बताया हालात बेहद खतरनाक थे। मेरे एक अन्य मित्र नोवर पुत्रा औलिया (19) की भी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे में 323 लोग घायल हुए हैं और उनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
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अफसरों की जांच और पूछताछ जारी
राष्ट्रीय पुलिस प्रवक्ता डेडी प्रसेट्यो ने सोमवार को कहा कि पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए जिम्मेदार 18 अधिकारियों व सुरक्षा प्रबंधकों से भी पूछताछ कर रही है। स्टेडियम में आंसू गैस नहीं छोड़ी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पुलिस अब भी चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है।
कानून तोड़ने वालों का पता लगाएंगे
सुरक्षा मंत्री मोहम्मद महफूद ने बताया कि स्टेडियम में कानून तोड़ने वालों का पता लगाने के लिए उनके नेतृत्व में एक दल अलग से जांच करेगा। यह दल इस बात का भी फैसला करेगा की पीड़ितों को कितना मुआवजा दिया जाना चाहिए। दल अपनी जांच तीन सप्ताह में पूरी करेगा।