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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी किताब के लिए प्रकाशक को मोहताज, लेकिन दामाद ने मार ली बाजी

Wed, 16 Jun 2021 04:22 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिका में राष्ट्रपतियों के अपने पद से हटने के बाद अपने संस्मरण लिखने की लंबी परंपरा रही है। दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा का एक संस्मरण पिछले साल आया था। ये किताब बेस्टसेलर में शामिल हुई। उनके पहले भी कई राष्ट्रपति पद से हटने के बाद किताब लिख चुके हैं...
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डोनाल्ड ट्रंप, जैरेड कुशनर, इवांका और मेलानिया ट्रंप - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति एक किताब लिख रहे हैं, जिसके बारे उन्होंने कहा है कि यह ‘किताबों की किताब’ होगी। लेकिन मुश्किल यह है कि अभी तक उन्हें इसके लिए कोई प्रकाशक नहीं मिला है। प्रकाशन उद्योग के जानकारों का कहना है कि ट्रंप को प्रकाशक मिलना मुश्किल है, क्योंकि उनकी किताब में कितना सच और कितना झूठ होगा, ये तय करना उसके लिए आसान नहीं होगा। फिर वे उसमें वैसी कई भड़काऊ बातें भी लिख सकते हैं, जिनकी वजह से पिछले छह जनवरी को कैपिटॉल हिल (अमेरिकी संसद भवन) पर हमला हुआ था।

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लेकिन जहां ट्रंप अभी प्रकाशक के लिए मोहताज हैं, वहीं उनके दामाद जैरेड कुशनर ने प्रकाशक हार्पर कॉलिन्स के साथ कई किताबों के लेखन के लिए एक करार कर लिया है। ट्रंप जब राष्ट्रपति थे, तब कुशनर उनके वरिष्ठ सलाहकार थे। हार्पर कॉलिन्स को कंजरवेटिव सोच की किताबों के प्रकाशक के रूप में जाना जाता है। बताया गया है कि जैरेड कुशनर अपनी किताबों में ट्रंप प्रशासन के दौरान परदे के पीछे क्या हुआ, उसकी कहानी लिखेंगे।

ट्रंप के साथ मुश्किल उनकी छवि और उनका स्वभाव है। पिछले जनवरी में जब वे अपने पद से हटे, तब अखबार द वाशिंगटन पोस्ट ने छापा था कि अपने कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने कुल 30,573 गुमराह करने वाले दावे किए। जानकारों के मुताबिक ये अंदेशा है कि वे अपनी किताब में भी ऐसी बातें लिखेंगे, जिनके कोई प्रमाण नहीं होंगे। इसलिए प्रकाशक उनकी किताब छापने को लेकर भयभीत हैं।
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अमेरिका में राष्ट्रपतियों के अपने पद से हटने के बाद अपने संस्मरण लिखने की लंबी परंपरा रही है। दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा का एक संस्मरण पिछले साल आया था। ये किताब बेस्टसेलर में शामिल हुई। उनके पहले भी कई राष्ट्रपति पद से हटने के बाद किताब लिख चुके हैं। अकसर पूर्व राष्ट्रपति की किताब छापने के लिए प्रकाशकों में होड़ लग जाती है। वे इसके लिए अधिक से अधिक रकम की पेशकश करते हैं। जानकारों के मुताबिक इसलिए ट्रंप को अब तक कोई प्रकाशक नहीं मिलना इस बात का संकेत है कि ट्रंप सामान्य राष्ट्रपति नहीं थे।

पिछले हफ्ते एक बयान में 75 वर्षीय ट्रंप ने बिना नाम बताए कहा कि उन्होंने दो प्रकाशकों के ऑफर को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा- ‘अभी तुरंत मैं इसका सौदा नहीं करना चाहता। मैं अभी किताब लिखने में किसी पागल की तरह जुटा हुआ हूं। जब समय आएगा तो आप देखेंगे कि यह किताबों की किताब होगी।’ इसके पहले ट्रंप के कार्यकाल में उप राष्ट्रपति रहे माइक पेंस के बारे में खबर आई थी कि सिमोन एंड शुस्टर नामक प्रकाशक के साथ उन्होंने अपनी किताब के लिए डील की है। ऐसी चर्चा रही है कि यही प्रकाशक ट्रंप की किताब भी छाप सकता है। इन चर्चाओं के बीच इस प्रकाशन में काम करने वाले कर्मचारियों ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि इस कंपनी को चरमपंथ को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए।

उसके बाद मंगलवार को वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम ने खबर दी कि पेंगुइन रैंडम हाउस, हैचेट, हार्पर कॉलिन्स, मैकमिलन और सिमोन एंड शुस्टर जैसे प्रकाशकों ने ट्रंप की किताब न छापने का फैसला किया है। अब चर्चा है कि अगर कोई बड़ा प्रकाशक नहीं मिला, तो ट्रंप किताब को देश के अंदर धुर दक्षिणपंथी संगठनों के माध्यम से अपने समर्थकों तक पहुंचाएंगे। गौरतलब है कि उनके समर्थकों के लिए आज भी वही बात सही है, जो ट्रंप कहते हैं। जाहिर है, उन तक बात पहुंच जाए, यही ट्रंप की भी प्राथमिकता होगी।

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