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आतंकी संगठनों पर पाकिस्तानी कार्रवाई का कोई सबूत नहीं: हुसैन हक्कानी

भाषा, वॉशिंगटन  Published by: Shilpa Thakur Updated Sat, 13 Apr 2019 03:37 PM IST
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हुसैन हक्कानी - फोटो : social media

अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का आतंकी संगठनों को किसी भी तरह का समर्थन नहीं देने का हालिया बयान उनकी नीति में बदलाव का नहीं है। उनका बयान एक वैश्विक संस्था की ओर से प्रतिबंधित होने के डर को दिखाता है।



पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी का कहना है कि खान का बयान आतंकी संगठनों को वित्तीय सहायता पहुंचाने वालों पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ की ओर से देश को प्रतिबंधित करने के डर से लिया गया है। 


आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने के वैश्विक दबाव के बीच खान ने पिछले महीने कहा था कि उनकी सरकार पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि के लिए नहीं होने देगी और ऐसे संगठनों पर कार्रवाई करेगी। 


उन्होंने भारत की पहल के बाद जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित 'इंडिया आइडियाज कॉन्फ्रेंस' में अपने संबोधन में कहा, "खासतौर पर अफगानिस्तान और भारत के खिलाफ होने वाले आतंकवाद में पाकिस्तान के व्यवहार में बेहद कम ही बदलाव हुए हैं।"


उन्होंने इस ओर इशारा किया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर के खिलाफ पाकिस्तान किसी भी तरह की कार्रवाई करने में विफल रहा है। 


हक्कानी अभी हडसन इंस्टीट्यूट के दक्षिण एवं मध्य एशिया के निदेशक हैं। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं। उन्हें पाकिस्तानी सेना की घरेलू एवं विदेश नीतियों का मुखर आलोचक माना जाता है। 


उन्होंने कहा कि एफएटीएफ तुरंत प्रतिबंध नहीं लगा रहा है लेकिन उससे बचने के लिए पाकिस्तान ऐसी कवायद कर रहा है। 


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