केरल में जन्मी नित्या रमन अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स में मेयर का चुनाव लड़ रहीं हैं। चुनावी दौड़ में अपनी पूर्व राजनीतिक सहयोगी और मौजूदा मेयर कैरन बास से आगे चल रही हैं। यह बढ़त एक तीखी टेलीविन डिबेट के बाद देखी गई है। मंगलवार रात एक डिबेट में बास (73) और रमन (45) (दोनों डेमोक्रेट हैं) ने लॉस एंजिल्स में बेघर लोगों की समस्या, पुलिस विभाग के नेतृत्व और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बहस की। अगर तीन नवंबर को होने वाले चुनाव में वह चुनी जाती हैं, तो रमन लॉस एंजिल्स की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर होंगी। बता दें कि डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट मूवमेंट की सदस्य रमन छह साल तक सिटी काउंसिल की सदस्य रही हैं। चुनावी मैदान में उतरने का फैसला करने से पहले रमन ने दोबारा चुनाव के लिए बास का समर्थन किया था, लेकिन बाद में उन्होंने बास पर 'गायब रहने वाली' मेयर होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब पिछले साल जनवरी में शहर में भीषण आग लगी थी, तब बास वहां मौजूद नहीं थीं।
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कैरन बास ने रमन पर क्या आरोप लगाए?
एक घंटे तक चली डिबेट में बास ने आक्रामक रुख अपनाया और रमन पर 'गैर-गंभीर, अनिर्णायक' होने और शहर के शीर्ष पद के लिए तैयार न होने का आरोप लगाया। इस पर रमन ने पलटवार किया और कहा कि लॉस एंजिल्स 'और चार साल तक गिरावट, कुप्रबंधन या बहाने बर्दाश्त नहीं कर सकता।' रमन ने दर्शकों से पूछा, 'क्या आप आज चार साल पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं?' उन्होंने 1980 के राष्ट्रपति चुनाव की डिबेट में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के मशहूर बयान का हवाला दिया। 28 जुलाई, 1981 को केरल में जन्मीं रमन छह साल की उम्र में लुइसियाना चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल थ्योरी में बैचलर डिग्री और फिर एमआईटी से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
सर्वे में कौन आगे चल रहा है?
मंगलवार रात की डिबेट से पहले, बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंटल स्टडीज द्वारा किए गए और लॉस एंजिल्स टाइम्स द्वारा प्रायोजित सर्वे में रमन, बास से 11 पॉइंट आगे थीं। 15 से 20 सितंबर के बीच किए गए एक सर्वे में पाया गया कि लॉस एंजिल्स के मेयर पद के लिए 39 प्रतिशत मतदाता रमन के पक्ष में हैं, जबकि 28 प्रतिशत मतदाता बैस के पक्ष में हैं। वहीं, सर्वे में शामिल लगभग एक-तिहाई मतदाता अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे थे। बुधवार को, बहस के एक दिन बाद, प्रेडिक्शन मार्केट 'कलशी' ने मेयर चुनाव में रमन के जीतने की संभावना 56 प्रतिशत बताई, जबकि बैस के लिए यह आंकड़ा 45 प्रतिशत था। लॉस एंजिल्स में सैकड़ों-करोड़ों डॉलर खर्च होने के बावजूद बेघर लोगों की बढ़ती संख्या का जिक्र करते हुए, रमन ने कहा कि उन्हें दिया गया वोट एक ऐसे शहर को बनाने में मदद करेगा जो सुचारू रूप से चले, जहां रहना किफायती हो और जहां लोग अपने सपनों को फिर से संजोने के लिए आ सकें।
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पिछले साल जनवरी में दक्षिणी कैलिफोर्निया के पैलिसेड्स में लगी भीषण आग के दौरान बैस की गैर-मौजूदगी पर निशाना साधते हुए, रमन ने कहा कि उस आपदा के समय वह खुद शहर के इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर में मौजूद थीं और वहां से निकाले गए लोगों की जरूरतों का ध्यान रख रही थीं। रमन ने कहा, 'वहां और पूरे शहर में मैंने बार-बार एक ही सवाल सुना- हमारे मेयर कहां हैं? हमारे मेयर कहां हैं?' रमन ने जोर देकर कहा, अगर मैं मेयर बनती हूं, तो आपको यह पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि हमारे मेयर कहां हैं। मैं हमेशा सबसे आगे रहूंगी।'