निर्मला सीतारमण ने अमेरिका की अपनी आधिकारिक यात्रा को लेकर वाशिंगटन में मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान 24 द्विपक्षीय बैठकें हुईं इसके अलावा सचिवों और मुख्य आर्थिक सलाहकार ने अपने समकक्षों के साथ 25 बैठकें कीं। साथ ही अगले साल भारत में होने वाले G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी को लेकर कहा कि हम ऐसे समय में जी-20 का अध्यक्ष पद ले रहे हैं जब बहुत सारी चुनौतियां हैं।
ईडी जो करती है उसके लिए पूरी तरह से स्वतंत्र
साथ ही कहा कि हमने कई G20 सदस्यों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की है। हमें अपने सदस्यों के साथ मिलकर काम करना होगा और यह देखना होगा कि चीजों को कैसे बेहतर तरीके से कर सकते हैं। साथ ही ईडी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सीतरमण ने कहा कि ईडी जो करती है उसके लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र है, यह एक ऐसी एजेंसी है जो विधेय अपराधों का पालन करती है। साथ ही कहा कि ईडी किसी पर कार्रवाई तभी करती है जब किसी के खिलाफ सबूत होते हैं।
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरा
गिरते भारतीय रुपये पर वित्त मंत्री निर्मला सीताराम ने कहा कि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरा है क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। हालांकि इससे निपटने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। वहीं व्यापार घाटा बढ़ रहा है हर तरफ बढ़ रहा है। लेकिन हम इस पर नजर रख रहे हैं। कोयले को लेकर सवाल पर वित्त मंत्री सीतरमण ने कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों को ऊर्जा उत्पादन के लिए कोयले की ओर वापस जाना पड़ा है क्योंकि गैस का खर्च वहन नहीं किया जा सकता है या उपलब्ध नहीं है।
क्रिप्टोकरेंसी पर रखी अपनी राय
आगे मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित मामलों को जी20 की मेज पर लाना चाहते हैं ताकि सदस्य इस पर चर्चा कर सकें और वैश्विक स्तर पर एक ढांचा तैयार हो सके। देशों के पास तकनीकी रूप से संचालित नियामक ढांचा हो सकता है। वहीं भारत में डिजिटलीकरण को लेकर कहा कि कई सदस्यों के सुझाव हैं कि G-20 के दौरान हमें यह दिखाना चाहिए कि हमने अपनी डिजिटल उपलब्धियों में क्या किया है जैसे आधार या अन्य डिजिटल एप्लिकेशन देश में बड़ी आबादी के बीच अच्छे से काम कर रहे हैं।