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नाइजीरिया में नहीं थम रहा खूनी खेल: मस्जिद पर हमले के बाद गांवों में आगजनी, मृतकों की संख्या बढ़कर 50 हुई

Thu, 21 Aug 2025 02:41 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबुजा

सार

नाइजीरिया के कात्सीना राज्य में मंगलवार को नमाज के दौरान मस्जिद और आसपास के गांवों में हुए हमलों में मरने वालों की संख्या 50 के करीब पहुंच गई है। हमलावरों ने 30 लोगों को गोली मारी और 20 को जिंदा जला दिया। प्रशासन ने इलाके में सेना और पुलिस तैनात कर दी है। हमले की वजह बदले की कार्रवाई बताई जा रही है।

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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नाइजीरिया के कात्सीना राज्य में बीते मंगलवार को नवाज के दौरान एक मस्जिद में और उसके आसपास के कई गावों में हुई गोलीबारी में मृतकों की संख्या बढ़कर 50 के आसपास हो गई है। ये जानकारी बुधवार को एक स्थानीय अधिकारी ने दी। राज्य के विधायक अमीनू इब्राहिम ने बताया कि हमलावरों ने 30 लोगों को गोली मार दी, जबकि गांवों में हमला कर 20 अन्य को जिंदा जला दिया। बता दें कि इससे पहले प्रशासन ने मस्जिद में 27 लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 50 हो गया है। फिलहाल किसी समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

मामले में कात्सीना राज्य के कमिश्नर नासिर मुआजू ने बताया कि हमलों को रोकने के लिए सेना और पुलिस को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में हमलावर खेतों में छिपकर हमले करते हैं। कमिश्नर के मुताबिक, मस्जिद पर हुआ हमला संभवतः उंगुवान मंटाउ के ग्रामीणों द्वारा किए गए एक हमले का बदला था, जिसमें बीते सप्ताह कुछ हमलावर मारे गए थे।

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समझिए क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं?
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य इलाकों में चरवाहों और किसानों के बीच जमीन और पानी को लेकर टकराव आम बात है। बीते महीने ही ऐसे एक हमले में 150 लोगों की जान गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि अब अधिकांश चरवाहे हथियारबंद हो चुके हैं, जिससे संघर्ष और भी खतरनाक होता जा रहा है। 
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बात अगर इस संघर्ष की जड़ों की करें तो इस संघर्ष की जड़ में जमीन और चराई के अधिकार हैं। किसान आरोप लगाते हैं कि चरवाहे (ज्यादातर फुलानी समुदाय के) अपने मवेशियों को उनकी फसलों पर ले जाते हैं, जिससे उनकी मेहनत बर्बाद होती है। वहीं चरवाहे दावा करते हैं कि ये जमीनें ग्रहण अधिकार वाले पारंपरिक चराई मार्ग हैं, जिनका 1965 से कानूनी समर्थन है।
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देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बता दें कि नाइजीरिया के खनिज-समृद्ध इलाकों में कई सशस्त्र गिरोह सक्रिय हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था की कमी का फायदा उठाकर गांवों और हाइवे पर लोगों को निशाना बनाते हैं। वहीं दूसरी ओर, देश का उत्तर-पूर्वी हिस्सा बोको हराम आतंकवाद से भी जूझ रहा है, जहां संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अब तक 35,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 20 लाख से ज्यादा विस्थापित हो चुके हैं।

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