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न्यूजीलैंड मस्जिद गोलीबारी: आरोपी ने वकील को हटाया, खुद लड़ेगा अपना केस

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमर शर्मा Updated Mon, 18 Mar 2019 08:38 AM IST
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संदिग्ध ब्रेनटन टैरेंट - फोटो : PTI

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर हमला कर 50 लोगों की जान लेने वाले संदिग्ध ब्रेनटन टैरेंट (28) ने अपने वकील को हटा दिया है। उसकी योजना है कि वह भविष्य में कोर्ट में होने वाली सुनवाई में खुद बहस करेगा। अब इससे ये डर भी बढ़ गया है कि आरोपी कोर्ट के ट्रायल को अपने चरमपंथी विचारों को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।



न्यूजीलैंड हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक क्राइस्टचर्च जिला अदालत में टैरेंट का नेतृत्व करने वाले वकील रिचर्ड पीटर्स ने शनिवार को इस बात की पुष्टि की। उनका कहना है कि टैरेंट बिलकुल स्पष्ट दिखाई दिया और वह मानसिक रूप से भी ठीक है। 


शुक्रवार को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में मौत का तांडव मचाने वाले टैरेंट को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसे जब कोर्ट में लाया गया तो उसने सबको हैरान कर दिया। दरअसल, अपनी हैवानियत पर किसी तरह का पछतावा जताने की बजाए वह कोर्ट में खड़ा मुस्कुरा रहा था। 


जज ने उसके खिलाफ हत्या के आरोप तय किए। उस पर और भी आरोप लगाए जा सकते हैं। कोर्ट ने हमलावर को अगली सुनवाई तक हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा कारणों के चलते सुनवाई बंद कमरे में हुई। उसने जमानत की कोई अर्जी नहीं दी है। 5 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई तक उसे हिरासत में रखा जाएगा।


ऑस्ट्रेलिया की आतंकवाद रोधी पुलिस ने सोमवार को आरोपी से संबंधित न्यू साउथ वेल्स के दो घरों में खोजबीन की। मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि टैरेंट का परिवार उन्हें जांच में सहयोग करेगा। उसकी बहन और मां को भी सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है।


टैरेंट द्वारा अल नूर और लिनवुड मस्जिद पर किए गए हमले के बाद से न्यूजीलैंड में हाई अलर्ट है। टैरेंट ने इस घिनौने अपराध का लाइव वीडियो भी बनाया था, जो 17 मिनट का था। इस फेसबुक लाइव वीडियो को फेसबुक ने तो हटा दिया लेकिन तब तक इस वीडियो को लोग डाउनलोड कर चुके थे और यह कई एप्स और वेबसाइट पर भी पहुंच गया था।


टैरेंट ने हमले की योजना पहले से बनाई हुई थी। शुक्रवार को भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज के लिए एकत्रित हुए थे, तभी उसने उनपर अंधाधुन गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस हमले के बाद वहां देशभर की मस्जिदों को बंद रखने की सलाह दी गई है। 

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