ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल ने देश की नई अंक-आधारित वीजा प्रणाली के शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत समेत दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को मौका देगी और ब्रिटेन में आ रहे कम प्रतिभाशाली व अकुशल कामगारों की संख्या में कटौती करेगी।
हम दुनिया भर के सबसे प्रतिभाशाली और सबसे अच्छे लोगों को आकर्षित करेंगे, अर्थव्यवस्था और हमारे समुदायों को बढ़ावा देंगे और इस देश की पूर्ण क्षमता को प्राप्त करेंगे। इस प्रणाली में सर्वोच्च कुशल और प्रतिभाशाली लोगों को वरीयता दी जाएगी। इन लोगों में वैज्ञानिक, इंजीनियर और अकादमी से जुड़े पेशेवर लोग शामिल होंगे।
सरकार ने कहा है कि कुशल कामगारों को विशिष्ट कौशल और अंग्रेजी बोलने की क्षमता समेत कई प्रासंगिक मानदंडों को पूरा करने की जरूरत होगी। सभी आवेदकों को जॉब ऑफर की जरूरत होगी और प्रवासन सलाहकार समिति की सिफारिशों को अनुरूप न्यूनतम वेतन सीमा 25,600 पाउंड (23.80 लाख रुपये) होगी। यह टीयर-2 वर्क वीजा के लिए पुराने 30,000 पाउंड के स्तर से कम होगी।
ब्रिटेन में रहने और काम करने के इच्छुक लोगों को वर्तमान प्रणाली के तहत सिर्फ डिग्री-स्तर के बजाय ए-स्तर या समकक्ष तक योग्य होने की आवश्यकता होगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह अधिक लचीलापन प्रदान करेगी और सुनिश्चित करेगी कि ब्रिटेन के कारोबार में कुशल श्रमिकों की एक विस्तृत सामूहिक लाभ कोष तक पहुंच हो।
ब्रिटिश गृह मंत्रालय के मुताबिक यह अनुमान है कि मौजूदा यूरोपीय संघ (ईयू) के 70 फीसदी कर्मचारी कुशल श्रमिक संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाएंगे जिससे भविष्य में उनकी संख्या ब्रिटेन में कम हो जाएगी। अगले साल से ईयू के नागरिकों के लिए भी वीजा अंक-आधारित हो जाएगा और इसमें उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना पड़ेगा।