अमेरिकी राज्य न्यूजर्सी में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सिख अटॉर्नी-जनरल और प्रमुख भारतवंशी गुरबीर एस. ग्रेवाल प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) में शामिल होने के लिए इस्तीफा देने जा रहे हैं। एसईसी ने कहा, ग्रेवाल 26 जुलाई से वित्तीय बाजारों को नियंत्रित करने वाले प्रवर्तन विभाग के निदेशक बन जाएंगे।
न्यूजर्सी के गवर्नर फिल मर्फी ने ग्रेवाल को अमूल्य सदस्य बताया। एसईसी के अध्यक्ष गैरी जेंसलर ने कहा, मैं एसईसी में अटॉर्नी जनरल ग्रेवाल का स्वागत करते हुए सम्मानित और खुश महसूस कर रहा हूं।
एनजे डॉट कॉम के मुताबिक, आयोग ने अप्रैल में प्रवर्तन विभाग का नेतृत्व करने के लिए अटॉर्नी एलेक्स ओह को चुना था, लेकिन उन्होंने कुछ दिनों बाद निजी कारणों से पद छोड़ दिया।
ग्रेवाल ने कहा, कानून के उल्लंघन को खोजने और दंडित करने में प्रवर्तन विभाग की अहम भूमिका है और मैं कदाचार को उजागर करने व निवेशकों की रक्षा करने के लिए लोक सेवकों की टीम के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं।
उन्होंने कहा, मैं कानून का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमा चलाने वाली टीम के साथ जुड़कर गौरवशाली महसूस कर रहा हूं।
चर्चित रहा ग्रेवाल का कार्यकाल
न्यूजर्सी में शीर्ष प्रवर्तन अधिकारी गुरबीर ग्रेवाल का बतौर अटॉर्नी जनरल कार्यकाल काफी चर्चा में रहा है। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के खिलाफ पर्यावरण और वहनीय देखभाल अधिनियम से जुड़े मुद्दे समेत कई मामलों में मुकदमे दायर किए। उनके कार्यकाल में कई बड़े बदलाव भी किए गए। वे 1990 के दशक की शुरुआत के बाद से इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं।