हमास प्रमुख इस्माइल हानिया और हिजबुल्ला के वरिष्ठ कमांडर फुआद शुकर की मौत पर सियासी बवाल जारी है। दोनों की मौत के कुछ घंटों बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनके देश ने पिछले कुछ दिनों में दुश्मनों को बड़े झटके दिए। हालांकि, उन्होंने हानिया की हत्या की बात न तो स्वीकार की है और न ही इससे इनकार किया है। वहीं, अमेरिका ने इस्माइल हानिया की हत्या पर प्रतिक्रिया दी है।
पीएम ने गिनाए हमले
इस्राइल पीएम ने आगे कहा, 'तीन हफ्ते पहले हमने हमास के सैन्य प्रमुख मोहम्मद देइफ पर हमला किया था। दो हफ्ते पहले हमने हूतियों पर हमला किया था, जो वायु सेना द्वारा किए गए सबसे बड़ा हमला था। कल हमने हिजबुल्ला के सैन्य प्रमुख फुआद शुकर पर हमला किया।'
चुनौतीपूर्ण दिनों का सामना कर रहा इस्राइल
नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल चुनौतीपूर्ण दिनों का सामना कर रहा है। मगर किसी भी तरह के हमले का हम जोरदार जवाब देंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में इस्राइल पीएम के हवाले से कहा गया कि ये चुनौतीपूर्ण दिन हैं। बेरूत से खतरे हैं। हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'जो कोई भी हमें नुकसान पहुंचाएगा, जो कोई भी हमारे बच्चों का नरसंहार करेगा, जो कोई भी हमारे नागरिकों की हत्या करेगा, जो कोई भी हमारे देश को चोट पहुंचाएगा, उसके सिर पर खून होगा। हम उससे हिसाब चुकता करेंगे।'
उन्होंने इस बात को साफ कर दिया की कि इस्राइल तब तक लड़ता रहेगा, जब तक युद्ध के उद्देश्य हासिल नहीं हो जाते।
क्या बोला अमेरिका?
हानिया की मौत पर अमेरिका ने कहा कि वह हमास की उन खबरों की पुष्टि या सत्यापन नहीं कर सकता कि समूह के राजनीतिक नेता इस्माइल हानिया ईरान की राजधानी तेहरान में एक इस्राइल हमले में मारे गए। हालांकि, रणनीतिक संचार के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद समन्वयक जॉन किर्बी ने यह बात स्वीकार की कि तेहरान में हानिया और दक्षिणी बेरूत में फुआद की मौत निश्चित रूप से तनाव को कम करने में मदद नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, 'मैं इस बारे में बहुत अधिक नहीं बोलने वाला हूं। हम स्पष्ट रूप से तनाव बढ़ने के बारे में परेशान हैं। यह सब उस कठिन प्रकृति को बढ़ाता है, जिसे हम कम करने की कोशिश कर रहे हैं।'
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्ला ने बुधवार को वरिष्ठ कमांडर फुआद शुकर की मौत की पुष्टि की है।