नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा।
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नेपाल के संसदीय चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी नेपाली कांग्रेस ने अगली सरकार बनाने के लिए अन्य राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी। नेपाली कांग्रेस (नेकां) ने अब तक प्रतिनिधि सभा के सीधे चुनाव के तहत 55 सीटें जीती हैं, जबकि विपक्षी सीपीएन-यूएमएल को 44 सीटों पर जीत मिली है। जानकारी के मुताबिक, अब तक 162 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से और शेष 110 आनुपातिक चुनाव प्रणाली से चुने जाएंगे। बहुमत की सरकार बनाने के लिए एक पार्टी को कम से कम 138 सीटों की जरूरत होती है।
नेकां में 6 से ज्यादा नेताओं ने जताई पीएम बनने की इच्छा
नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह ने कहा कि सभी सीटों के नतीजे आने के बाद और आनुपातिक मतदान प्रणाली के आधार पर आवंटित सीटों का निर्धारण होने के बाद पार्टी अपने संसदीय दल के नेता का चुनाव करेगी। नेकां के भीतर आधा दर्जन नेताओं ने अगले प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा व्यक्त की है। सूत्रों के मुताबिक, 66 वर्षीय प्रकाश मान उन नेताओं में शामिल हैं जो अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में हैं। मान ने गत रविवार को यूएमएल अध्यक्ष के पी शर्मा ओली से मुलाकात की थी।
पार्टियों को मिली इतनी सीट
अभी तक संसदीय चुनाव में सीपीएन-माओवादी सेंटर को 17, सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट को 10, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को 4 और राष्ट्रीय जनमोर्चा को एक सीट मिली है। वहीं राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी, विपक्षी यूएमएल के दो सहयोगी ने 7 सीटें हासिल की हैं। वहीं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने 7 और 3 सीटें जीती हैं, जबकि एनडब्ल्यूएंडपीपी ने एक सीट जीती है। इसके अलावा, 5 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।