नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री रवि लमिछाने की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें फिर से अपना अध्यक्ष चुन लिया है। इस तरह लमिछाने ने देश की राजनीति में अपनी वापसी की शुरुआत कर ली है। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि रवि लमिछाने नेपाल के वैध नागरिक नहीं हैं। कोर्ट ने कहा था कि नेपाल के संविधान के मुताबिक कोई भी गैर-नागरिक नेपाल के किसी राजनीतिक दल का प्रमुख नहीं रह सकता। ना ही वह निर्वाचित प्रतिनिधि हो सकता है।
इस फैसले के बाद लमिछाने ने उप प्रधानमंत्री पद और राष्ट्रीय स्वंतत्र पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। लमिछाने पुष्प कमल दहल सरकार में उप प्रधानमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री भी थे।
रविवार को राष्ट्रीय स्वंतत्र पार्टी ने उन्हें अपने अध्यक्ष के रूप में बहाल करने का फैसला किया। पार्टी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य दीपक बोहारा ने इस बात की जानकारी मीडियाकर्मियों को दी। उन्होंने बताया कि सेंट्रल कमेटी ने आम राय से लमिछाने को अध्यक्ष पद पर लौटाने का फैसला किया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने दावा किया है कि लमिछाने ने नेपाल की नागरिकता वापस पाने की प्रक्रिया अब पूरी कर ली है।
लमिछाने ने 2014 में अमेरिका की नागरिकता ले ली थी। पिछले साल राष्ट्रीय स्वंतत्र पार्टी का गठन कर उन्होंने नेपाल की राजनीति में प्रवेश किया। उस समय उन्होंने अमेरिकी नागरिकता छोड़ दी थी। उनका दावा था कि इसके साथ ही वे फिर से नेपाल के नागरिक बन गए हैँ। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अपने फैसले में कहा कि नेपाल की नागरिकता लेने की प्रक्रिया लमिछाने ने पूरी नहीं की है।
अब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने बताया है कि काठमांडू जिला प्रशासन के कार्यालय से लमिछाने ने नागरिकता का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया है। उसी को आधार बना कर पार्टी ने उन्हें फिर से अपना अध्यक्ष बनाया है। इसके पहले बीते शुक्रवार को पार्टी ने डोर प्रसाद अरयाल को अपना कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया था। अरयाल पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। शुक्रवार को हुई अपनी बैठक में पार्टी सेंट्रल कमेटी ने अरयाल को अपने संसदीय दल का नेता भी चुना था। पर्यवेक्षकों के मुताबिक अरयाल फिलहाल इस पद पर बने रहेंगे। लमिछाने की संसद सदस्यता रद्द हो गई है। उप चुनाव में जब तक जीत कर वे सदन में नहीं लौटते हैं, तब तक अरयाल ही प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 20 सदस्य हैं। इसी ताकत के आधार पर लमिछाने को दहल सरकार में गृह मंत्रालय के साथ उप प्रधानमंत्री जैसा महत्त्वपूर्ण पद मिला था। इसीलिए उनके खिलाफ आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दहल सरकार और मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के लिए झटका माना गया। अब पर्यवेक्षकों की नजर इस पर है कि क्या लमिछाने तुरंत सरकार में शामिल होने की कोशिश करते हैं या वैध रूप से सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद ही वे ऐसा दावा जताएंगे।