नेपाल के बीरगंज में हिंसा और आगजनी के बाद तनाव व्याप्त है। स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने का एलान किया है। सुरक्षाबलों की चौकसी के बीच तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। भारत हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षाबल अलर्ट मोड पर हैं। इस खबर में नेपाल से जुड़े तमाम अपडेट्स जानिए
नेपाल के बीरगंज में हिंसा के बाद तनाव बना हुआ है। सांप्रदायिक सोशल मीडिया वीडियो से उपजा पूरा विवाद धार्मिक स्थल से जुड़ा है। चिंताजनक स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कर्फ्यू लगाने का एलान किया। पड़ोसी देश में तनाव और उथल-पुथल के बीच भारत में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक नेपाल की सरकार ने कहा है कि बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
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जिला प्रशासन कार्यालय, परसा ने तनावपूर्ण स्थिति के बीच कर्फ्यू आज (6 जनवरी) शाम 6 बजे तक बढ़ा दिया है। इससे पहले प्रशासन ने कर्फ्यू का वक्त दोपहर एक बजे तक बढ़ाया था।
सोशल मीडिया वीडियो से धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश
गौरतलब है कि बीरगंज की सीमा भारत में बिहार से लगती है। यहां रविवार से ही लगातार तनाव बढ़ रहा है। टिकटॉक पर धार्मिक रूप से विवादित टिप्पणियों को लेकर दो समूहों के बीच टकराव शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत धनुषा में कमला नगरपालिका से हुई। रिपोर्ट्स में धार्मिक किताबों को जलाने की बातें भी सामने आई।
सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोली मारने का अधिकार
हालात की समीक्षा के बाद सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बस पार्क, नागवा, इनारवा (पूर्व); सिरसिया नदी (पश्चिम); गंडक चौक (उत्तर) और शंकराचार्य गेट (दक्षिण) को संवेदनशील इलाके के रूप में चिह्नित किया है। प्रशासन ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कर्फ्यू के दौरान, सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोली मारने का अधिकार दिया गया है। इसलिए नागरिकों से अनुरोध है कि बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। बाहर निकलने की विवशता होने पर निकटतम सुरक्षाकर्मी से संपर्क करें। मोबाइल से 100 पर कॉल करें।
कर्फ्यू के बीच सशर्त रियायत भी मिलेगी
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्फ्यू की अवधि के दौरान सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक सेवाओं में रियायत देने के निर्देश दिए गए हैं। कर्फ्यू की अवधि में एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मियों के वाहनों, मीडिया कर्मियों, पर्यटकों की गाड़ियों, मानवाधिकार और राजनयिक मिशनों के वाहनों और वैध टिकट के साथ यात्रा के लिए एयरपोर्ट जा रहे यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।