नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित धारचूला में ताजा हिंसा के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. धारचूला में हुई झड़प के मुद्दे पर नेपाल सराकर ने भारत को राजनयिक नोट भेजकर इस मुद्दे को उठाया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि नेपाल ने सीमा के पास बनने वाले किसी भी बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर दोनों देशों के बीच समन्वय का आह्वान किया है।
बता दें, भारत-नेपाल सीमा पर उत्तराखंड के धारचूला कस्बे की बाढ़ से सुरक्षा के लिए इन दिनों सिंचाई विभाग काली नदी किनारे तटबंध बना रहा है। नेपाल के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। कंस्ट्रक्शन कंपनी के मजदूर रविवार को घटखोला में तटबंध निर्माण के कार्य में लगे थे, तभी नेपाल की ओर से कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। जिसके कारण निर्माण कार्य में लगा नेपाली मूल का एक मजदूर घायल हो गया था।
इसके अलावा नेपाली नागरिकों ने भारत-नेपाल को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को बंद कर दिया था। इससे दोनों तरफ कई वाहन फंस गए थे। नेपाल की तरफ झूलापुल पर इकट्ठी भीड़ को खदेड़ने के लिए नेपाली पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था, जिसमें एक भारतीय को भी चोटें आई थीं।
नेपाल के सीडीओ ने समन्वय से समाधान की बात कही
धारचूला में नेपाल की तरफ से पत्थरबाजी के बाद दोनों देशों के स्थानीय प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह सतर्क नजर आए। पत्थरबाजी की घटना के बाद नेपाल के सीडीओ दिर्घराज उपाध्याय ने भारत के धारचूला पहुंचकर एसडीएम दिवेश शाशनी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय से मामले को सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलकर सीमा क्षेत्र में शांति व्यवस्था और संबंधों को मधुर रखने के प्रयास किए जाएंगे।