प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में शामिल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ने एक नया सियासी पासा फेंक दिया है। उन्होंने उन तमाम ताकतों का एक नया मोर्चा बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिनकी विचारधारा समाजवादी है। दहल ने ये प्रस्ताव अपनी पार्टी की सेंट्रल कमेटी की बैठक में रखा।
यह बयान देश में अगले आम चुनाव के लिए बन रहे समीकरणों के बीच आया है। खबर है कि दहल जनता समाजवादी पार्टी के नेता बाबूराम भट्टराई के साथ एकता वार्ता में शामिल हैं। भट्टराई भी एक ‘समाजवादी केंद्र’ बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उनके मुताबिक इस केंद्र को बनाने का मकसद भी सभी सोशलिस्ट ताकतों को एकजुट करना है।
इस बीच इस खबर ने भी पर्यवेक्षकों का ध्यान खींचा है कि अपनी पार्टी की सेंट्रल कमेटी की बैठक में दहल ने देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने कहा- ‘नेपाली कांग्रेस ने उन जगहों पर गठबंधन करने की कोशिश नहीं की, जहां वह मजबूत है। जहां माओइस्ट सेंटर और अन्य पार्टियां मजबूत हैं, वहां उसने विपक्षी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूएमएल के साथ गठजोड़ किया। हमारे साथ सिर्फ उसने वहां गठजोड़ किया, जहां वह कमजोर है।’
राजनीतिक पर्यवेक्षकों की राय है कि सियासी सौदेबाजी में माहिर दहल ने इन बयानों के जरिए नेपाली कांग्रेस पर दबाव बढ़ाने की चाल चली हो सकती है। दहल का मकसद संसदीय चुनाव में अपनी पार्टी के लिए अधिक से अधिक सीटें हासिल करना है। समझा जाता है कि प्रतिनिधि सभा की जिन 165 सीटों के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन होगा, नेपाली कांग्रेस उनमें से 100 पर खुद लड़ना चाहती है। बाकी चार सहयोगी दलों के लिए वह सिर्फ 65 सीटें छोड़ना चाहती है। जबकि दहल अपनी पार्टी के लिए 65 सीटें चाहते हैं।