नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने नेपाली कांग्रेस के साथ पंद्रह साल पुरानी साझेदारी खत्म करने के मंत्रिमंडल में फेरबदल किया। प्रचंड ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पार्टी यूएमएल के साथ एक नया गठबंधन बनाया। जिसके बाद तीन मंत्रियों सोमवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली।
प्रधानमंत्री बने रहेंगे दहल
इससे एक दिन पहले पीएम सचिवालय के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा था कि दहल प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। वहीं नए गठबंधन में पार्टियों द्वारा सुझाए गए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। बता दें, पिछले आम चुनावों के बाद सरकार के गठन के एक साल बाद कैबिनेट में फेरबदल हुआ है। राजनीति में उतार-चढ़ाव के लिए चर्चित दहल पिछले साल सीपीएन-यूएमएल और अन्य दलों के समर्थन से प्रधानमंत्री बने थे।
इन दो पार्टी में दरार
नेशनल असेंबली की अध्यक्षता के दावे को लेकर नेपाल की दो बड़ी पार्टियों माओवादी सेंटर और नेपाली कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी ने पहले से ही कमजोर सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए खतरा पैदा कर दिया है। माओवादी केंद्र ने 28 फरवरी को अपनी स्थायी समिति की बैठक समाप्त करने के बाद नेशनल असेंबली की अध्यक्षता के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया। माओवादी सेंटर के अध्यक्ष और नेपाल के मौजूदा प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने पहले नेपाली कांग्रेस (एनसी) को आश्वासन दिया था कि वह उच्च सदन या नेशनल असेंबली के अध्यक्ष के चुनाव के दौरान उसका समर्थन करेंगे।
माओवादी सेंटर के प्रवक्ता अग्नि प्रसाद सपकोटा ने कहा, 'पार्टी की स्थायी समिति की बैठक में हमारे साथियों ने सुझाव दिया कि इस पद (नेशनल असेंबली के अध्यक्ष) के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए और उसी के अनुसार फैसला किया गया है।'
पार्टी के लोगों ने दिया सुझाव
एक दिन बाद, 29 फरवरी को पुष्प कमल दहल चितवन जिले के भरतपुर पहुंचे। वहां उन्होंने पत्रकारों से कहा. 'हमारी स्थायी समिति के अधिकतर लोगों ने नेशनल असेंबली के अध्यक्ष पद के लिए पार्टी से उम्मीदवार को खड़ा करने के लिए वोट किया है। हालांकि पार्टी के भीतर की गई मांगों पर कोई लिखित निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन जब हमने (माओवादी सेंटर और नेपाली कांग्रेस) समझौता किया था तब से घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया है।